पुणे

61 वर्षीय साइकिल सवार ने पूरा किया पुणे से नेपाल का सफर

संतोष मिश्रा

पिंपरी: बढ़ते प्रदूषण, मानव स्वास्थ्य पर इसके प्रतिकूल प्रभावों और प्रकृति के संक्षरण के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए पिंपरी-चिंचवड़ के 61 वर्षीय साइकिल चालक राजेंद्र चोथे ने एक अनूठी पहल की। वह अकेले पुणे-नेपाल की 6,000 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद शुक्रवार को चिंचवड़ पहुंचे। यहां एम्पायर एस्टेट फ्रेंड्स सर्कल और विभिन्न अन्य संगठनों द्वारा उनका स्वागत किया गया। राजेंद्र चोथे ने कहा कि उन्होंने पर्यावरण की रक्षा के लिए इस योजना को लागू किया है।

राजेंद्र चोथे ने 22 फरवरी को एम्पायर एस्टेट, चिंचवड़ से अपनी यात्रा शुरू की। वह महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के रास्ते नेपाल पहुंचे। इसके बाद वे नेपाल, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ होते हुए महाराष्ट्र लौटे। इस बीच, नासिक त्र्यंबकेश्वर, काशी विश्वनाथ, उज्जैन महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के साथ-साथ अयोध्या, सीतामढ़ी धार्मिक स्थलों के साथ ही बाबा आमटे के हेमलकासा, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध तीर्थ कपिलवस्तु, लुंबिनी, अजंता वेरुल, खजुरो मंदिर, प्रयागराज, कुशीनगर, शेगांव, सेवाग्राम आदि का भ्रमण किया। 

अपने खर्चे पर चलाया अभियान

पुणे टू नेपाल अभियान के दौरान, उन्होंने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण पर जागरूकता फैलाई। इस अभियान को उन्होंने अपने खर्चे पर चलाया।

40 दिनों में 6,000 किलोमीटर साइकिल चलाई

राजेंद्र चोथे ने 40 दिनों में 6,000 किलोमीटर साइकिल चलाई। यह सारा सफर उन्होंने अकेले ही तय किया है। वे एक साहसी साइकिल सवार हैं। वह 32 साल से टाटा मोटर्स में कार्यरत थे। सेवा में रहते हुए वह प्रतिदिन टाटा मोटर्स में साइकिल चलाते थे।  टाटा मोटर्स सीनियर मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्हें साइकिल चलाने में मजा आता है। वह अब तक पुणे से शिर्डी, पुणे से गोवा, पुणे से कन्याकुमारी तक साइकिल चला चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमने इस परियोजना को पर्यावरण की सुरक्षा और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए शुरू किया है, सभी को कम से कम पांच किलोमीटर साइकिल चलानी चाहिए। डॉ राजेंद्र चोथे की बहु श्वेतांबरी छोठे ने इस स्वागत समारोह में राजेंद्र चोथे की पुणे-नेपाल-पुणे साइकिल यात्रा पर आधारित स्वयं रचित कविता 'आयुष डॉन चाकचे' प्रस्तुत की। 

कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति

इस मौके पर चोथे के पुत्र डॉ. विकास चोथे, एम्पायर ईस्टेट मित्र मंडल के अध्यक्ष ई. दिलीप पाटील, श्री मांजराई देवी सेवा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष संजय सालवी, महाराष्ट्र पर्यावरण के अध्यक्ष अशोक मोरे, पूर्व नगरसेवक कालूराम पवार, प्रसाद शेट्टी, उद्यमी बाबुराव सागावकर, राजेश अग्रवाल, वासू शेट्टी, रबड प्लास्टिक एसोसिएशन के अध्यक्ष रामदास माली (टाटा मोटर्स), सुरेश व्यास, यतीन पारेख, डॉ. जगन्नाथ पाटील, डॉ. हिंदुराव मोहिते, एम्पायर ईस्टेट महिला मंडल की अध्यक्षा मीनाक्षी सकपाल, स्वयंसिद्धा महिला बचत गुट की अध्यक्षा कविता मोरे, अध्यक्ष संतोष पिंगले, राम खेडकर, विकास चौधरी, विक्रम मुडपे, समीर दलवी, हरीश ललवाणी, विठ्ठल गवसणे, सुयश कुलकर्णी, जयकुमार नारकर, अर्चना नलावडे, शीतल सालवी, अनुराधा देशमुख, वंदना नारकर, नीलिमा शेवाले आदि उपस्थित थे। 

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