प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI) 
महाराष्ट्र

पुणे: दिशा कृषि उन्नति अभियान से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, निर्यातक्षम खेती को मिलेगा बढ़ावा

Pune Agriculture News: जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने पुणे में 'दिशा कृषि उन्नति अभियान' की समीक्षा की। अंतरराष्ट्रीय मानकों के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए माइक्रो प्लानिंग के निर्देश।

रूपम सिंह

Disha Krishi Unnati Abhiyan: पुणे किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने और उनकी आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के दृष्टिकोण से दिशा कृषि उन्नति अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर किसानों के समूह तैयार किए जाएं और अनुभवी किसानों में से ही स्थानीय स्तर पर मास्टर ट्रेनर विकसित किए जाएं।

जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि निर्यातकों की एक मजबूत श्रृंखला तैयार कर किसानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 'निर्यातक्षम' कृषि उत्पादन लेने के लिए प्रेरित किया जाए, जिसके लिए कृषि विभाग को माइक्रो प्लानिंग करना अनिवार्य है। जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी की अध्यक्षता में आयोजित इस समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि जिले में दिशा कृषि उन्नति 2029 का व्यापक योजना तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।

इस महत्वाकांक्षी पहल के अंतर्गत पुणे जिले में मुख्य रूप से केला, अंजीर, आम, स्ट्रॉबेरी, सूरजमुखी, करडई (कुसुम), अनार, सीताफल और अंगूर जैसी फसलों के क्लस्टर विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कृषि विभाग और आत्मा तंत्र को कृषि विशेषज्ञों, किसान उत्पादक कंपनियों और स्वयं किसानों को साथ लेकर आधुनिक तकनीक की मदद से एक समयबद्ध कार्यक्रम चलाना होगा।

ड्रिप इरिगेशन पर जोर

हमारा लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि अधिक से अधिक फसलों का निर्यात करना है। इसके लिए सूक्ष्म सिंचाई पद्धति (ड्रिप इरिगेशन) के जरिए पानी और उर्वरकों का संतुलित उपयोग, कृषि यांत्रिकीकरण और उन्नत तकनीकों को अपनाकर खेती की लागत में कमी लाना और उत्पादन बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सीधे खेतों का दौरा कर किसानों से सवाद करें और उनकी समस्याओं को हल करने में आत्मविश्वास पैदा करें।

उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए सरकार की ओर से धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संजय काचाले ने बताया कि जिले में केला, आम, अंजीर, स्ट्रॉबेरी, अंगूर और अनार की खेती के रकबे में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। आगामी समय में सूरजमुखी, करडई और सीताफल जैसी फसलों के उत्पादन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए एक सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार की गई है। इस मौके पर तहसील कृषि अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.धीरज शिंदे आदि उपस्थित थे।

Weather Alert: MP-UP से लेकर बिहार तक भारी बारिश का अलर्ट, उत्तराखंड के 9 जिलों में बाढ़ का खतरा

झारखंड के उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का हार्ट अटैक से निधन, गिरिडीह में ली आखिरी सांस

OG और Gen-Z स्लैंग से PM मोदी ने जीता SRCC छात्रों का दिल, छात्र बोले- जिम्मेदारी का एहसास हुआ

महाराष्ट्र में Old Monk की बिक्री से बैन नहीं हटेगा, FSSAI ने रम मानने से क्यों किया इनकार? जानिए पूरा मामला

कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, अंदरूनी कलह के बीच सचिन पायलट को पंजाब की कमान; कई राज्यों के प्रभारी बदले