Ajiv Yashwant Patil Wins Vasai Virar Mayor Election: पालघर जिले की वसई विरार महानगरपालिका में महापौर चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही ऊहापोह की स्थिति आखिरकार चुनाव परिणामों के साथ ही समाप्त हो गई, बहुजन विकास आघाड़ी के उम्मीदवार अजीव यशवंत पाटिल ने मेयर पद पर शानदार जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही वसई विरार मनपा को इस कार्यकाल के लिए अपना 7वां महापौर मिल गया है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान बविआ ने पूरी तरह एकजुटता दिखाई, जिससे विपक्षी खेमे की रणनीति धरी की धरी रह गई।
वसई विरार महानगरपालिका महापौर चुनाव के लिए हुए मतदान में अजीव पाटिल को कुल 71 वोट मिले, जिसमें बविआ के 70 नगरसेवक और एक कांग्रेस सदस्य का समर्थन शामिल था। वहीं, भाजपा और शिवसेना शिंदे गुट की महायुति से महापौर पद के लिए उम्मीदवार रहीं अधिवक्ता दर्शना अनिल त्रिपाठी को मात्र 44 वोटों से संतोष करना पड़ा। उप-महापौर पद पर भी बविआ का ही कब्जा रहा और मार्शल लोपिस 71 मतों के साथ निर्वाचित घोषित किए गए। इस एकतरफा जीत ने वसई विरार में बहुजन विकास आघाड़ी के निर्विवाद वर्चस्व को एक बार फिर साबित कर दिया है।
विपक्षी महायुति ने दर्शना अनिल त्रिपाठी को मैदान में उतारकर बविआ को चुनौती देने की कोशिश की थी, लेकिन वे बहुमत के आंकड़े के आसपास भी नहीं पहुंच सके। 44 मतों के साथ विपक्ष पूरी तरह अलग थलग नजर आया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, ऑपरेशन लोटस' के मुद्दे को हवा देने की कोशिशों के बावजूद, बविआ ने अपने कैडर को एकजुट रखा। वहीं, पूर्व विधायक व बविआ अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर ने नवनिर्वाचित महापौर और उपमहापौर को बधाई देते हुए कहा कि सभी ने ऑपरेशन सिटी तो देख लिया होगा और आज लगने वाली लाइन भी। इसके आगे लाइन और लंबी देखने को मिलेगी। अजीव पाटिल के मेयर बनने के बाद अब शहर के विकास कार्यों पर सबका ध्यान है। नवनिर्वाचित मेयर ने कहा, यह जीत जनता के लोकप्रिय नेता हितेंद्र ठाकुर के प्रति विश्वास और प्रेम का परिणाम है।
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चुनाव प्रक्रिया शांति पूर्वक संपन्न कराने को लेकर, पुलिस प्रशासन की ओर से व्यवस्था चाकचौबंद की गई थी। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लोगों के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति को कार्यक्रम स्थल तक जाने की मनाई थी। पत्रकारों को भी बगैर परिचय पत्र दिखाए अंदर जाने पर रोक लगाई गई थी, इसके चलते पार्टी समर्थकों की भारी भीड़ मनपा मुख्यालय के बाहर देखने को मिली। हालांकि, बाहर जमा होने वाले लोगों के लिए बाहर ही चाय-नाश्ता और पानी की समुचित व्यवस्था की गई थी।