Vasai Virar Cleaning Workers Housing Salary: वसई-विरार शहर महानगरपालिका की कार्यशैली और सफाई कर्मचारियों के प्रति उदासीन रवैये को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
बरसों से शहर को साफ-सुथरा रखने वाले सफाई कर्मचारी आज खुद बुनियादी सुविधाओं, समय पर वेतन और पक्के मकानों के लिए तरस रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष मुकेश सारवान ने मनपा प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई और उन्हें कड़ी फटकार दी।
सोमवार को वसई-विरार महानगरपालिका मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समीक्षा बैठक के दौरान सफाई कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्याओं का मुद्दा गरमाया। बैठक में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कई कर्मचारी पिछले 20 से 25 वर्षों से पालिका की सोसायटी में रह रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें इन घरों का मालिकाना हक नहीं नसीब हुआ। बेहद जर्जर हो चुके इन मकानों की मरम्मत तक नहीं कराई जा रही है।
कर्मचारियों की बदहाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए सारवान ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के साथ अब किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो कर्मचारी 25 साल से अधिक समय से पालिका आवासों में रह रहे हैं, उनके घर तुरंत उनके नाम ट्रांसफर किए जाएं और जर्जर मकानों की मरम्मत युद्धस्तर पर शुरू हो।
वसई-विरार के सफाई कर्मचारियों के दर्द को करीब से समझने आया हूं। सालों से इन्हें इनके हक से वंचित रखा गया है। अगर प्रशासन ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया, तो आयोग मनपा के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
- मुकेश सारवान, उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग
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