Vasai Virar 20000 Crore Projects: वसई-विरार की सूरत अब पूरी तरह बदलने वाली है। बुनियादी ढांचे को मजबूती देने और ट्रैफिक की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये की महा परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है।
मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के आयुक्त डॉ। संजय मुखर्जी और वसई-विरार के महापौर अजीव पाटिल और मनपा आयुक्त पृथ्वीराज बी।पी के बीच बैठक में इन विकास कार्यों के रोडमैप पर अंतिम मुहर लगा दी गई है। नायगांव-भाईंदर डबल डेकर ब्रिज है। खाड़ी पर बनने वाला यह पुल इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना होगा। इसके ऊपरी हिस्से पर मेट्रो दौड़ेगी, जबकि निचले हिस्से से गाड़ियां गुजरेंगी।
इससे मीरा-भाईंदर और वसई-विरार के बीच का सफर चंद मिनटों का रह जाएगा। शहर को जाम मुक्त करने के लिए 36 किलोमीटर लंबे रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। यह 40 मीटर चौड़ा मार्ग 22 गांवों और 4 प्रमुख केंद्रों को जोड़ेगा।
इसके साथ ही 5 नए फ्लाइओवर विराटनगर, ओसवाल नगरी, अलकापुरी और उमेलमान में बनाए जाएंगे। वहीं वसई रोड में पुराने पुल के स्थान पर नए रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। वैतरणा खाड़ी पर पुल बनने से पालघर का पश्चिमी हिस्सा सीधे जुड़ जाएगा, जिससे गुजरात जाने वाले ट्रैफिक का दबाव कम होगा। विरार और वसई फाटा को जोड़ने वाली 7 मुख्य सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा।
विधायक राजन नाईक की मांग पर प्रशासन ने आचोले और दिवाणमान क्षेत्र की 1500 एकड़ सरकारी भूमि को मुंबई के बीकेसी की तर्ज पर विकसित करने का निर्णय लिया है, इसके लिए जल्द ही मास्टर प्लान तैयार होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे।
इन परियोजनाओं को गति देने में पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकुर, क्षितिज ठाकुर और राजेश पाटिल के प्रयासों की अहम भूमिका रही है। बैठक के बाद महापौर ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भी मुलाकात की, इस बैठक में मनपा आयुक्त पृथ्वीराज बी। पी। महापौर अजीव पाटील, विधायक राजन नाईक, विपक्षी नेता मनोज पाटील सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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विकास के साथ हम पर्यावरण और स्थानीय समुदायों का भी ध्यान रखेंगे। मछुआरों, किसानों और आदिवासियों के हितों की रक्षा करते हुए इन प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जाएगा।
- डॉ संजय मुखर्जी, आयुक्त, MMRDA