

Nalasopara Vasai Virar Brautification Project: नालासोपारा-वसई-विरार शहर को एक नई सांस्कृतिक पहचान देने और सड़कों को लुभावना बनाने के लिए महापालिका ने जिस 'सुंदरता' पर करोड़ों रुपये बहाए थे, वह अब प्रशासनिक उपेक्षा की भेंट चढ़ रही है।
शहर के प्रमुख चौकों पर स्थापित मूर्तियां और फव्वारे देखरेख के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। विडंबना यह है कि जो संरचनाएं शहर का मान बढ़ाने के लिए बनाई गई थीं, वे अब जनता के लिए जी का जंजाल साबित हो रही हैं।
नालासोपारा (पूर्व) के अचोले स्थित 'सुशोभित चौक' की बदहाली प्रशासनिक उदासीनता की जीवंत मिसाल बन गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यहां लगा फव्वारा लंबे समय से जर्जर अवस्था में है। पाइपलाइन फूटने के कारण फव्वारे का पानी लगातार सड़कों पर बह रहा है, जिससे मुख्य मार्ग पर चौबीसों घंटे कीचड़ और फिसलन बनी रहती है।
विभाग शहर के सभी जर्जर चौराहों का विस्तृत निरीक्षण करवा रहा है। जिन स्थानों पर फव्वारे या मूर्तिया क्षतिग्रस्त हैं, उनकी मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू किया जाएगा।
- संजय कुलकर्णी, कार्यकारी अभियंता बांधकाम विभाग महापालिका
सौर्दयीकरण के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई को पानी की तरह बहाया गया है, लेकिन धरातल पर केवल अव्यवस्था ही नजर आती है। शिकायत करने पर केवल खानापूर्ति की जाती है, समाधान शून्य है।
- एक स्थानीय निवासी