Vasai Naigaon Juchandra Chord Rail Line Project: महाराष्ट्र में रेल कनेक्टिविटी और माल परिवहन को रफ्तार देने के उद्देश्य से प्रस्तावित 175.99 करोड़ रुपये की वसई बाईपास-नायगांव-जुचंद्र कॉर्ड लाइन परियोजना फिलहाल नौकरशाही की रफ्तार और जमीनी सर्वेक्षण के अभाव में फंस गई है। हालांकि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की शुरुआती अधिसूचनाएं जारी की जा चुकी हैं और इंजीनियरिंग तथा पर्यावरणीय मंजूरियों की प्रक्रिया भी काफी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन संयुक्त माप सर्वेक्षण (Joint Measurement Survey) न होने के कारण काम रुका पड़ा है।
पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, पालघर जिला प्रशासन के साथ मिलकर संयुक्त सर्वे पूरा होने के बाद ही भूमि का अंतिम अधिग्रहण और वास्तविक निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।
यह 5.73 किमी लंबी वसई बाईपास-नायगांव-जुचंद्र कॉर्ड लाइन परियोजना पश्चिम रेलवे और कोंकण रेलवे को सीधे जोड़ेगी, ट्रेनों की रिवर्सल की जरूरत खत्म करेगी, यात्रा समय घटाएगी, उपनगरीय नेटवर्क पर दबाव कम करेगी और माल परिवहन को भी गति देगी। हालांकि, संयुक्त माप सर्वे पूरा होने तक परियोजना के जमीनी काम शुरू होने की संभावना नहीं है।
उल्लेखनीय है कि रेलवे बोर्ड ने 14 जुलाई 2023 को डीपीआर मंजूर की थी, जबकि 10 जुलाई 2024 को सर्वे, भूमि योजना, पर्यावरण अध्ययन और मैंग्रोव मंजूरी के लिए परामर्श ठेका दिया गया।
इसके तहत अब तक 8.08 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव पालघर प्रशासन को भेजा जा चुका है।
साथ ही धारा 20ए और 20ई की अधिसूचनाएं भी जारी हो चुकी हैं। इसके बावजूद भूमि का वास्तविक स्वामित्व तय करने वाला संयुक्त सर्वे नहीं हो पाया है।
पश्चिमी रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पालघर जिला प्रशासन के साथ संयुक्त सर्वे पूरा होने के बाद ही अंतिम अधिग्रहण प्रस्ताव पर कार्रवाई होगी। इसी सर्वे के आधार पर मुआवजा और अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
वसई बाईपास-नायगांव-जुचंद्र कॉर्ड रेल लाइन परियोजना के लिए 14.10 हेक्टेयर मैंग्रोव भूमि डायवर्जन का प्रस्ताव भी प्रक्रियाधीन है। मैंग्रोव मार्किंग, निरीक्षण और लागत आकलन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी है, जबकि नायगांव और जुचंद्र की इंजीनियरिंग स्वीकृतियां भी विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं।