Palghar Vadhavan Port Project: पालघर जिले के वरोर गांव के सर्वे नंबर 750 के अंतर्गत आने वाले 124 जमीन मालिकों ने वाढवण पोर्ट परियोजना के विकास के लिए अपनी भूमि सौंपने पर सहमति जताई है। यह जानकारी जिला प्रशासन द्वारा दी गई है।
करीब 2.5 हेक्टेयर में फैले इस विशेष भूखंड में कुल 41 उपविभाग शामिल हैं। इनमें से एक हिस्सा सरकारी स्वामित्व में है, जबकि शेष भूमि वरोर गांव के निवासियों की है। यह क्षेत्र केवल नक्शे पर एक साधारण बिंदु नहीं, बल्कि बंदरगाह की आधारभूत संरचना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक कॉरिडोर माना जा रहा है।
इस विशेष ब्लॉक से जुड़े जटिल सर्वे विवादों के कारण लंबे समय से परियोजना की प्रगति रुकी हुई थी। समुदाय के कल्याण को केंद्र में रखते हुए परियोजना से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का समयबद्ध और न्यायसंगत निपटारा करने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। - डॉ। इंदु रानी जाखड़, जिलाधिकारी, पालघर
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हालांकि, अब ग्रामीणों के स्वैच्छिक सहयोग से एक बड़ा तकनीकी अवरोध दूर हो गया है, ऐसा प्रशासन ने बताया है। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने गांव का दौरा कर प्रभावित जमीन मालिकों से सीधे संवाद स्थापित किया। इस दौरान उनकी सभी शंकाओं और शिकायतों का समाधान किया गया।
विशेष रूप से ब्लॉक सर्वे से संबंधित समस्याओं पर ध्यान दिया गया, जिसके कारण मुआवजे में देरी हो रही थी। प्रभावित जमीन मालिकों ने मुआवजे के मुद्दे को दीवानी न्यायालय में ले जाने के बजाय प्रशासन के साथ सीधी बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने को प्राथमिकता दी।
आपसी विश्वास और सहयोग का परिचय देते हुए उन्होंने सरकार द्वारा प्रस्तावित शर्तों को स्वीकार कर लिया है। साथ ही, बिना किसी अग्रिम मुआवजे की मांग किए भूमि का कब्जा सौंपने पर सहमति जताई है।