ऐसा है महाराष्ट्र 'गवर्नेंस का मॉडल', सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पेश किया 1 ट्रिलियन डॉलर का रोडमैप, इन जिलों में निवेश किया ऐलान

Maharashtra News: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) यंग इंडियंस की नासिक शाखा द्वारा आयोजित पश्चिम क्षेत्र परिषद संवाद सत्र में महाराष्ट्र के विकास का रोडमैप पेश किया।
कानून को अपने हाथ में लेने और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी
कानून को अपने हाथ में लेने और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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नासिक: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को नासिक में पश्चिम क्षेत्र परिषद संवाद सत्र में महाराष्ट्र के विकास का रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर की ओर बढ़ रही है, जिसमें महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हमने वर्ष 2029 तक राज्य की अर्थव्यवस्था 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार है।

कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों के समक्ष मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के विकास की प्रक्रिया को केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित रखने की बजाय संपूर्ण राज्य के समग्र विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। उहोंने कहा कि आर्थिक विकास के लिए परिवहन और आधारभूत संरचना का विकास महत्वपूर्ण है। समृद्धि महामार्ग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और अब “शक्तिपीठ महामार्ग” भी विकसित किया जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने नासिक के भी विकास को गति देने का संकल्प व्यक्त किया।

तीन तिमाही रिपोर्ट में महाराष्ट्र सबसे आगे

CII यंग इंडियंस नासिक शाखा की तीन दिवसीय बैठक का समापन रविवार को मुख्यमंत्री फडणवीस के संवाद से हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने विभिन्न मुद्दों पर बेबाकी से अपने विचार व्यक्त किए और राज्य के विकास की दिशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रशासन और निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से विकास कार्यों को गति दी जा रही है। सीएम फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण है तथा देश में सबसे अधिक निवेश महाराष्ट्र में ही आ रहा है।

देश में औद्योगिक और आर्थिक विकास की प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। 10-12 राज्य उद्योग और आर्थिक विकास में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन औद्योगिक निवेश की तीन तिमाही रिपोर्ट में महाराष्ट्र लगातार सबसे आगे बना हुआ है। देश में सबसे अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) महाराष्ट्र में ही हो रहा है। यह निवेश केवल महानगरों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे राज्य में फैले, इसके लिए सरकार प्रयासरत है। इसलिए मुंबई व पुणे के साथ-साथ छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और गडचिरोली जैसे जिलों में भी निवेश हो रहा है।

इस तरह से महाराष्ट्र “गवर्नेंस का मॉडल” है। अन्य राज्यों में लागू की गई अच्छी योजनाओं को भी महाराष्ट्र में अपनाया जा रहा है। राज्य में सतत विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने आगामी कुंभ मेले और उससे जुड़े विकास कार्यों को लेकर भी नासिक के नागरिकों को आश्वस्त किया।

एआई के प्रभावी उपयोग पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में क्रांति आई है। परिवहन और संचार सुविधाओं के विकास से नासिक को बड़ा लाभ मिलेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टेक्नोलॉजी का अधिक प्रभावी उपयोग करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। गूगल के साथ साझेदारी कर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है। कृषि और कानूनी क्षेत्रों में एआई तकनीक के उपयोग से नए रोजगार और उद्यमिता के अवसर बन रहे हैं। नई तकनीक को अपनाते हुए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम विकसित किए जा रहे हैं। रतन टाटा स्किल यूनिवर्सिटी ने इस संबंध में 10,000 महिलाओं को प्रशिक्षित किया है। सरकार ग्रामीण उद्यमियों को भी अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।

नासिक में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि नासिक में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। यहां की मानव संसाधन क्षमता और जलवायु को ध्यान में रखते हुए पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिए बड़ा अवसर है। एचएएल (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) के कारण यहां एक डिफेंस इकोसिस्टम मौजूद है। मुंबई का औद्योगिक लाभ पुणे और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) को मिला। अब समृद्धि महामार्ग के कारण नासिक का तेजी से विकास होगा। देश का सबसे बड़ा बंदरगाह वाढवन में बन रहा है और नासिक से वहां तक ग्रीनफील्ड रोड बनाया जाएगा। इससे नासिक को बड़ा लाभ मिलेगा। महाराष्ट्र से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…

नासिक में कृषि प्रसंस्करण उद्योग का बेहतरीन मॉडल

औद्योगिक विकास के साथ-साथ कृषि क्षेत्र के विकास के लिए भी सरकार प्रयासरत है। नासिक की पहचान उन्नत कृषि के लिए है। यह जिला अंगूर, प्याज और सब्जी उत्पादन में अग्रणी है। कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्धित सप्लाई चेन को नासिक ने सफलतापूर्वक विकसित किया है, जिसे “नासिक मॉडल” कहा जाता है। इसके अलावा, सह्याद्री एग्रो ने कृषि प्रसंस्करण उद्योग का एक उत्कृष्ट मॉडल तैयार किया है। सरकार ने स्मार्ट योजना और एग्री-बिजनेस योजना शुरू की है, जिससे किसानों को बाजार सुविधाओं का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 20 लाख घर बनाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को भी फायदा हो रहा है।

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