Palghar Ashramshala Sick Students: पालघर जिले के मासवण स्थित आश्रमशाला में सात वर्षीय छात्र की संदिग्ध मौत से हड़कंप मच गया है। मृतक छात्र की पहचान श्रेयस शैलेश आंबात के रूप में हुई है। रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे तत्काल मासवण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर ऑक्सीजन की मदद से 102 एंबुलेंस के जरिए उसे मनोर ग्रामीण अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई।
इसी आश्रमशाला के 26 अन्य विद्यार्थियों में भी बुखार के लक्षण पाए गए हैं। सभी विद्यार्थियों को मासवण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में निगरानी में रखा गया है। इससे क्षेत्र में संक्रामक बीमारी फैलने को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे पूर्व, 22 अगस्त को आश्रमशाला के चार विद्यार्थियों को बुखार, सर्दी और खांसी की शिकायत के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था।
प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें वापस आश्रमशाला भेज दिया गया था तथा उनके रक्त के नमूने डेंगू, मलेरिया सहित
अन्य बीमारियों की जांच के लिए लिए गए थे। आश्रमशाला के शिक्षकों के अनुसार, श्रेयस शनिवार तक पूरी तरह स्वस्थ था। हालांकि, रविवार सुबह अचानक उसे सांस लेने में तकलीफ होने
लगी। इसके बाद उसे तत्काल मासवण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उसे मनोर ग्रामीण अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
श्रेयस की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है; पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। आदिवासी विकास परियोजना अधिकारी विशाल खत्री ने बताया कि
आश्रमशाला के सभी विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है और बुखार के लक्षण वाले 19 विद्यार्थियों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में निगरानी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि पीएम - रिपोर्ट के बाद ही छात्र की मृत्यु का सटीक कारण स्पष्ट हो पाएगा।
एहतियात के तौर पर सभी विद्यार्थियों के रक्त के नमूने आगे की जांच के लिए पुणे स्थित प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद विद्यार्थियों में बुखार फैलने की वास्तविक वजह सामने आने की संभावना है। इस बीच, मासवण क्षेत्र में करीब 15 दिन पहले भी एक छोटे बच्चे की अचानक मौत होने की जानकारी सामने आई है।
इसके बाद अब आश्रमशाला के सात वर्षीय छात्र की मौत और एक साथ 26 विद्यार्थियों के बीमार पड़ने से स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ गई है, फिलहाल किसी विशिष्ट संक्रामक बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है और स्वास्थ्य विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।