Yeola Driver Statement Change: येवला मनमाड-अहिल्यानगर हाईवे पर पिंपलगांव जलाल टोल प्लाजा के पास एक आयशर ट्रक में लगी आग के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। ट्रक चालक के अचानक बदले हुए बयान के कारण पूरा घटनक्रम संदेह के घेरे में आ गया है।
घटना के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप लगाने वाले चालक ने महज 24 घंटे के भीतर अपनी भूमिका बदलते हुए अब आग लगने का कारण 'शॉर्ट सर्किट' बताया है, जिससे 'सत्य क्या है?' यह सवाल और गहरा गया है।
घटना के तुरंत बाद चालक ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में पुलिस पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे चालक का दावा था कि पुलिसकर्मियों ने उससे 5,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
पैसे न देने पर हुए विवाद के बाद सिगरेट के कारण ट्रक में आग लग गई या लगा दी गई, जैसे ही पुलिस पर आरोप लगे, मंत्री छगन भुजबल ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
हाईवे पुलिस निरीक्षक भावना महाजन ने घटनास्थल का दौरा कर दावा किया कि चालक ने पुलिस के साथ बहस की और गुस्से में आकर खुद ही ट्रक को आग लगा दी। अब चालक द्वारा अचानक आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताना कई नई शंकाओं को जन्म दे रहा है।
स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक पदाधिकारियों ने इस प्रकरण के बाद पुलिस प्रशासन को घेरा है। पहले भी शिकायतें मिली थीं कि पिपलगांव जलाल टोल प्लाजा पर ट्रैफिक पुलिस वाहनों को रोककर परेशान करती है, नागरिकों का सवाल है कि जब विदुर चौफुली और फतेबुर्ज नाका पर भीषण जाम रहता है, तो वहां व्यवस्था करने के बजाय पुलिस टोल नाके पर क्यों रहती है? सुबह हुई इस घटना का मामला येवला शहर पुलिस स्टेशन में देर रात दर्ज किया गया।
इस देरी ने 'मामले को दबाने की चर्चाओं को हवा दे दी है। बदले हुए बयान, विरोधाभासी दावे और एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी ने इस पूरे प्रकरण को बेहद रहस्यमयी बना दिया है।
अब इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग जोर पकड़ रही है। क्या चालक पर बयान बदलने का दबाव बनाया गया या फिर प्रारंभिक आरोप झूठे थे यह अब जांच का मुख्य विषय है।