Nashik TCS Case Investigation (फोटो क्रेडिट-X)  
नासिक

नासिक TCS कांड में रोंगटे खड़े करने वाला खुलासा: बीमार पिता के इलाज की खातिर 'धर्मांतरण' की आग में कूदी पीड़ित

Nashik TCS Case: बीमार पिता के इलाज के लिए पीड़ित लड़कियों को धर्म परिवर्तन के लिए किया गया मजबूर। महिला आयोग की जांच जारी, निदा खान की जमानत पर आज सुनवाई।

अनिल सिंह

Nashik TCS Case Investigation: महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस (TCS) कंपनी में महिला कर्मचारियों के यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले ने अब एक बेहद संवेदनशील और दर्दनाक मोड़ ले लिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की गहन जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे न केवल हैरान करने वाले हैं बल्कि समाज की लाचारी को भी दर्शाते हैं। सूत्रों के अनुसार, पीड़ित युवतियों को उनकी पारिवारिक मजबूरियों और आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर 'इस्लाम' कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। यह मामला अब केवल एक कॉर्पोरेट अपराध नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ हुए खिलवाड़ का बड़ा उदाहरण बन गया है।

जांच के दौरान एक पीड़ित लड़की ने खुलासा किया कि उसके पिता कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। कीमोथेरेपी के भारी खर्च और दवाइयों के पैसों के लिए वह दर-दर भटक रही थी। इसी लाचारी का फायदा उठाकर कंपनी में सक्रिय संदिग्धों ने उसे मानसिक यातनाएं दीं और इलाज के बदले धर्म परिवर्तन का सौदा किया। वहीं, एक अन्य पीड़ित महिला ने बताया कि घर में पिता बिस्तर पर थे और परिवार के पास खाने के लिए राशन तक नहीं था। अपनी भूख मिटाने और परिवार की जिम्मेदारी उठाने के चक्कर में वह इस गुप्त 'धर्मांतरण एजेंडे' का शिकार हो गई।

राष्ट्रीय महिला आयोग का कंपनी में भौतिक निरीक्षण

राष्ट्रीय महिला आयोग की चार सदस्यीय टीम पिछले तीन दिनों से नासिक में डेरा डाले हुए है। आयोग की टीम ने टीसीएस कंपनी के दफ्तर का डेढ़ घंटे तक सघन निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पुरुष और महिला कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था, कैंटीन, प्रतीक्षालय और कार्य विभागों की बारीकी से जांच की। आयोग यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि क्या कंपनी में 'पॉश' (POSH - Prevention of Sexual Harassment) अधिनियम के तहत अनिवार्य आंतरिक शिकायत समिति सक्रिय है या नहीं। अब तक इस पूरे मामले में कुल 9 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जो इस कांड की गंभीरता को दर्शाते हैं।

निदा खान की अग्रिम जमानत पर आज फैसला

इस पूरे प्रकरण में मुख्य आरोपी के तौर पर देखी जा रही निदा खान अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। निदा खान पर आरोप है कि उसने गिरफ्तार आरोपियों को इस षड्यंत्र को अंजाम देने में मदद की। आज नासिक की अदालत में निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। गौरतलब है कि निदा खान के गर्भवती होने की खबरें भी सामने आई हैं, जिसके आधार पर उसके वकील राहत की मांग कर सकते हैं। नासिक पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में छापेमारी कर रही हैं और आज की अदालती कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

कॉर्पोरेट जगत और सुरक्षा पर सवाल

नासिक की इस घटना ने देश के बड़े आईटी हब्स में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या बड़ी कंपनियों के भीतर धर्म परिवर्तन जैसे गुप्त एजेंडे चलाए जा रहे हैं? महिला आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट जल्द ही अध्यक्ष को सौंपेगा, जिसके बाद इस मामले में और भी कड़े कानूनी कदम उठाए जाने की संभावना है। स्थानीय हिंदुत्ववादी संगठन और नागरिकों ने मांग की है कि लाचार बेटियों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले इन 'सफेदपोश' अपराधियों को फांसी जैसी सख्त सजा दी जाए।

रांची में बड़ा हादसा, भरभराकर गिरी जर्जर पानी टंकी, मलबे में दबे कई मजदूर; एक की मौत

INDIA गठबंधन की तरह विजय ने बनाया सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस, TVK समेत 4 पार्टियां हुईं शामिल

Muzaffarnagar Road Accident: रोडवेज बस ने बाइकों को मारी जोरदार टक्कर, 3 साल की बच्ची समेत 5 की मौत

Explainer: बंगाल में क्यों गरमाई फिश पॉलिटिक्स? जानिए बंगाली अस्मिता, मछली का कनेक्शन और पूरे विवाद की वजह

Red Fort Blast: मदर ऑफ शैतान से हुआ धमाका, कार को ही बना दिया था बम...NIA चार्जशीट में क्या-क्या सामने आया?