Nashik Swine Flu Health Alart : नासिक शहर में डेंगू-मलेरिया के बीच अब स्वाइन फ्लू ने भी स्वास्थ्य विभाग की मुश्किल बढ़ा दी है। महज 10 दिनों में 66 नए मरीज मिलने से संक्रमण की रफ्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
चिंता की बात यह है कि पिछले एक महीने में बीमारी से 3 लोगों की मौत भी हो चुकी है।मौसम में बदलाव के साथ नासिक शहर में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी बीच स्वाइन फ्लू के मामलों में भी तेजी से उछाल आया है।
पिछले 10 दिनों में 66 लोग स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए हैं। इस तरह शहर में रोजाना औसतन करीब 6 नए मरीज सामने आ रहे हैं। लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल संक्रमित मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है।
पिछले एक महीने में स्वाइन फ्लू के कारण 3 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 2 मरीज ग्रामीण क्षेत्र के, जबकि 1 मरीज नासिक शहर का निवासी बताया गया है। मौतों के आंकड़े सामने आने के बाद नागरिकों में भी बीमारी को लेकर चिंता बढ़ गई है
शहर के विभिन्न अस्पतालों की ओपीडी में इन दिनों बुखार, सर्दी, खांसी और शरीर में दर्द जैसी शिकायतों वाले मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। पहले से ही डेंगू और मलेरिया के मरीजों के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव है। अब स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने से स्वास्थ्य तंत्र के सामने अतिरिक्त चुनौती खड़ी हो गई है।
चिकित्सकों के अनुसार स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य सर्दी-खांसी जैसे दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, समय पर उपचार नहीं मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। इससे फेफड़ों में संक्रमण और निमोनिया जैसी जटिलताएं पैदा होने का खतरा रहता है।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए नासिक मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने नासिक रोड स्थित बिटको अस्पताल और पंचवटी स्थित डॉ. जाकिर हुसैन अस्पताल में 10-10 बेड के विशेष वार्ड तैयार किए हैं। हालांकि, फिलहाल इन वार्डों में मरीज भर्ती नहीं हैं। संक्रमित मरीज निजी अस्पतालों में उपचार को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मनपा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत शेटे ने नागरिकों से अपील की है कि बुखार, सर्दी या खांसी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में चिकित्सकीय जांच कराएं। स्वाइन फ्लू की आशंका होने पर समय पर उपचार शुरू करना जरूरी है।