नासिक ई-चालान रुल (pic credit; social media) 
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नासिक पुलिस का ई-चालान डंडा! 2.18 लाख चालकों पर 5 करोड़ बकाया, कोर्ट की तैयारी शुरू

Nashik News: नासिक पुलिस ने ई-चालान प्रणाली से सख्ती दिखाते हुए 8.5 लाख वाहन चालकों पर कार्रवाई की है। अब तक 32 करोड़ वसूले गए हैं जबकि 2.18 लाख चालकों से 5 करोड़ रुपये बकाया हैं।

सोनाली चावरे

E-Challan Traffic Rules in Nashik: ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर नासिक पुलिस ने ई-चालान प्रणाली के जरिए कड़ा शिकंजा कस दिया है। अब तक 8.5 लाख से अधिक चालकों पर कार्रवाई करते हुए कुल 32 करोड़ 62 लाख 73 हजार रुपये का दंड लगाया गया है। इनमें से 27 करोड़ 16 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है, जबकि करीब 5 करोड़ 44 लाख रुपये की राशि अब भी बकाया है। यह बकाया मामले लोक अदालतों में प्रलंबित हैं और पुलिस इन्हें कोर्ट के जरिए वसूलने की तैयारी कर रही है।

नेशनल इन्फॉर्मेशन सेंटर (NIC) की ई-चालान प्रणाली से यह कार्रवाई की जा रही है। इस सिस्टम के तहत वाहन चालकों को चालान भरने के लिए 15 दिन का समय मिलता है। यदि तय समय में जुर्माना नहीं भरा गया तो 16वें दिन मामला स्वतः कोर्ट में दर्ज हो जाता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अब तक 6 लाख 8 हजार 529 चालकों से पूरी वसूली की जा चुकी है, जबकि 2 लाख 18 हजार 520 चालकों से रकम लेना बाकी है।

ट्रैफिक विभाग ने साफ किया है कि उनका मुख्य मकसद सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं बल्कि शहर में ट्रैफिक अनुशासन कायम करना है। पुलिस आयुक्त और अधिकारियों ने सभी थानों को निर्देश दिए हैं कि नियम तोड़ने वालों को जागरूक किया जाए और सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाया जाए। उनका मानना है कि ट्रैफिक नियमों का पालन करने से न सिर्फ जाम की समस्या कम होगी बल्कि दुर्घटनाओं में भी बड़ी गिरावट आएगी।

नासिक में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पंचवटी, सरकारवाडा, अंबड और नासिक रोड जैसे पुराने पथकों के साथ अब द्वारका, सातपुर और एक्स्लो पॉइंट पर भी नए पथक तैनात किए गए हैं। कुल सात प्रमुख लोकेशनों पर पुलिस की यह सख्ती लागू की जा रही है।

वर्ष 2017 से अब तक के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो जुर्माना लगातार बढ़ा है। साल 2017 में सिर्फ 199 प्रकरण दर्ज हुए थे, जिनसे 1 लाख रुपये की वसूली हुई थी। वहीं 2024 में 1.64 लाख से ज्यादा चालकों पर कार्रवाई करते हुए 2 करोड़ से ज्यादा का दंड लगाया गया है।

नासिक पुलिस का मानना है कि इस सख्ती से आने वाले दिनों में शहर का ट्रैफिक अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होगा। हालांकि नागरिकों का कहना है कि वसूली के साथ-साथ सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए ताकि ट्रैफिक जाम और हादसों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

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