Saptashringi Gad Encroachment: साढ़े 3 शक्तिपीठों में से अर्ध शक्तिपीठ के रूप में विख्यात श्री क्षेत्र सप्तशृंगी गढ़ पर आगामी नवरात्रि उत्सव के मद्देनजर प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। गढ़ पर आने वाले श्रद्धालुओं को होने वाली असुविधा और यातायात जाम (ट्रैफिक जाम) की समस्या से निपटने के लिए ग्राम पंचायत, वन विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग ने संयुक्त अभियान चलाते हुए गढ़ क्षेत्र में मौजूद 375 अनाधिकृत अतिक्रमणों पर कार्रवाई की गाज गिराई है।
गढ़ की सीमा में विभिन्न विभागों के स्वामित्व वाली भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण, टपरियां और पार्किंग शेड बना लिए गए थे। इसके कारण गढ़ के मार्ग संकरे हो गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को पैदल चलने तथा वाहन चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए सहायक जिलाधिकारी डॉ. कश्मीरा संखे ने समीक्षा बैठक के दौरान अतिक्रमण हटाने के लिए ग्राम पंचायत, वन विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए थे। इसी क्रम में तीनों विभागों ने आपसी समन्वय के साथ इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
सार्वजनिक निर्माण विभाग और वन विभाग की सीमा में आने वाले अतिक्रमणकारियों को प्रशासन की ओर से सात दिनों का सख्त नोटिस जारी किया गया है। वहीं, ग्राम पंचायत प्रशासन ने केवल नोटिस देने तक सीमित न रहकर सीधे मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की प्रत्यक्ष कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रशासन के इस कड़े रुख से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है। इस वर्ष नवरात्रि उत्सव में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु गढ़ पहुंचने की संभावना है। प्रशासन की इस कार्रवाई से मार्ग सुगम और चौड़े हो जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं ने विश्वास जताया है कि इस वर्ष का नवरात्रि उत्सव अत्यंत सहज, सुरक्षित और अनुशासित वातावरण में संपन्न होगा।