Nida Khan Pregnancy News: नासिक टीसीएस धर्मांतरण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे प्रकरण में एक नया मानवीय और कानूनी मोड़ आ गया है। निदा ने पहले भी अदालत में मेडिकल सर्टिफिकेट जमा कर खुद के गर्भवती होने का दावा करते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी। उस समय इसे गिरफ्तारी से बचने का एक बहाना माना जा रहा था, लेकिन पुलिस हिरासत में किए गए मेडिकल परीक्षण ने पुष्टि कर दी है कि वह दो महीने की गर्भवती हैं।
सूत्रों के अनुसार, नासिक और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने जब निदा को नारेगांव की कौसर कॉलोनी से पकड़ा, तो उसके बाद निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इस परीक्षण में उसकी प्रेग्नेंसी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस खुलासे के बाद अब पुलिस और अभियोजन पक्ष को अपनी आगे की कानूनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है, क्योंकि गर्भवती महिलाओं के लिए जेल मैनुअल और रिमांड के नियम अलग होते हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि 40 दिनों तक फरार रहने के दौरान निदा खान ने मुंब्रा के डॉक्टरों से संपर्क किया था। वह अपनी गर्भावस्था को लेकर चिकित्सा परामर्श ले रही थी। पुलिस अब उन डॉक्टरों और क्लीनिकों की भी जांच कर रही है जिन्होंने एक फरार आरोपी की पहचान जानते हुए भी उसकी मदद की या उसे पनाह देने में परोक्ष रूप से भूमिका निभाई।
निदा खान ने छिपने के लिए छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव में जिस कौसर कॉलोनी का चुनाव किया था, वह एक बेहद शांत और एकांत इलाका है। जिस इमारत में वह अपने माता-पिता, भाई और चाची के साथ रह रही थी, उसके आसपास कोई अन्य घर नहीं था। निदा को लगा था कि इस सुनसान इलाके में वह सुरक्षित रहेगी, लेकिन नासिक एसआईटी (SIT) ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर दो दिनों तक 'वॉच' रखा और अंततः उसे धर दबोचा।
हालांकि निदा गर्भवती है, लेकिन अदालत ने इस मामले को 'अंतरराष्ट्रीय गिरोह' से जुड़ा हुआ बताया है। पुलिस अब निदा के बैंक लेनदेन, विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण के लिए इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक सामग्री के स्रोतों की गहन जांच कर रही है। निदा के साथ-साथ उसे पनाह देने वाले एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल पर भी कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। आज निदा खान को नासिक रोड कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां उसकी प्रेग्नेंसी रिपोर्ट को भी आधार बनाया जा सकता है।