नीट-2026 रद्द (सोर्स- सोशल मीडिया) 
नासिक

NEET 2026 रद्द: पेपर लीक से नासिक के 8,856 छात्रों को लगा झटका, मेहनत पर फिरा पानी, अभिभावकों में भारी चिंता

Nashik NEET Paper Leak: पेपर लीक के कारण NTA ने नीट-2026 परीक्षा रद्द की। नासिक के 8,856 छात्रों की मेहनत और डॉक्टर बनने के सपने पर फिरा पानी। अभिभावकों पर बढ़ा आर्थिक और मानसिक दबाव

रूपम सिंह

NEET Exam Cancelled NTA Paper Leak: नासिक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की गई नीट-2026 परीक्षा को पेपर लीक के कारण राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने रद्द कर दिया है। इस फैसले से नासिक शहर के 8,856 विद्यार्थियों को बड़ा झटका लगा है। 3 मई को नासिक के 21 परीक्षा केंद्रों पर नीट परीक्षा आयोजित की गई थी। पिछले दो वर्षों से छात्र-छात्राएं लगातार मेहनत कर रहे थे। कोचिंग क्लासेस, टेस्ट सीरीज और नियमित अध्ययन के बाद उन्होंने परीक्षा दी थी।

लेकिन अब परीक्षा रद्द होने से विद्यार्थियों को शैक्षणिक और मानसिक रूप से बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने मंगलवार दोपहर अचानक परीक्षा रद्द किए जाने की घोषणा की। परिणाम का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों और अभिभावकों को जैसे ही यह खबर मिली, उनमें निराशा और चिंता फैल गई।

एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीडीएस और आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए यह परीक्षा हर वर्ष आयोजित की जाती है। परीक्षा रद्द होने के बाद अब विद्यार्थियों को फिर से तैयारी कर परीक्षा देनी होगी। साथ ही अगली परीक्षा का स्तर क्या होगा, इसे लेकर भी नासिक शहर छात्रों की चिंता बढ़ गई है। डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हजारों विद्यार्थियों के अरमानों पर पेपर लीक की घटना ने पानी फेर दिया है।

अभिभावकों पर भी आर्थिक दबाव

कई अभिभावकों ने बच्चों की कोचिंग के लिए कर्ज लेकर लाखों रुपये खर्च किए हैं। उन्हें उम्मीद थी कि उनका बेटा या बेटी डॉक्टर बनेगा। अब दोबारा कोचिंग और तैयारी के लिए पैसे की व्यवस्था कैसे की जाए, इसे लेकर अभिभावक चितित है।

पुनर्परीक्षा की तारीख और बच्चों को फिर से पढ़ाई में जुटना पड़ेगा, इस कारण अभिभावकों में असमंजस और तनाव का माहौल है। 9,129  विद्यार्थियों ने कराया था पंजीकरण नासिक शहर से कुल 9,129 विद्यार्थियों ने नीट-2026 परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से 8,856 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 273 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे।

  • मैंने 11वीं कक्षा से ही नीट की तैयारी शुरू कर दी थी। पेपर भी अच्छा गया था और अच्छे अंक आने की उम्मीद थी। अब दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी। दो साल की मेहनत एक झटके में व्यर्थ हो गई। ऐसी घटनाओं का मेधावी छात्रों पर मानसिक असर पड़ता है। - सोहम शिंदे, नीट परीक्षार्थी
  • पहले बोर्ड परीक्षा दी, फिर जेईई और उसके बाद दिन-रात मेहनत कर नीट की तैयारी की। अब परीक्षा का तनाव खत्म हुआ था, लेकिन परीक्षा रद्द होने से सारी मेहनत बेकार चली गई। इस घटना से ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले छात्रों का बड़ा नुकसान हुआ है। - विश्लेषा रायते, नीट परीक्षार्थी

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