नासिक ZP
(सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nashik Zila Parishad Tender Scam: नाशिक जिला परिषद का जल संरक्षण विभाग एक बार फिर बड़े भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के चलते सुर्खियों में है।
एक चौंकाने वाले मामले में, टेंडर समिति द्वारा मंजूर की जा चुकी एक फाइल को कथित तौर पर फाड़ दिया गया ताकि अपात्र ठेकेदार को पात्र बनाकर काम सौंपा जा सके।
इस गंभीर अनियमितता के सामने आने के बाद जिला परिषद के गलियारों में हड़कंप मच गया है। नाशिक तहसील के लाडची स्थित पाझर तालाब की मरम्मत के लिए 40 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया था।
टेंडर के लिए रची साजिश
- नियम के अनुसार, तकनीकी लिफाफा खुलने के बाद कार्यकारी अभियंता ने दस्तावेजों की जांच की और पात्र-अपात्र ठेकेदारों की सूची के साथ फाइल टेंडर समिति को भेज दी। वित्त विभाग और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने भी फाइल को मंजूरी दे दी।
- इसके बाद वित्तीय लिफाफा खोलकर सबसे कम बोली लगाने वाले को कार्यारंभ आदेश दिया जाना था, लेकिन यहीं से 'खेल' शुरू हुआ। आरोप है कि विभाग के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों ने मिलकर उस मंजूर फाइल को ही गायब कर दिया या फाड़ दिया।
- इसके तुरंत बाद एक नई फाइल तैयार की गई। इस नई फाइल में जो ठेकेदार पहली फाइल में 'पात्र' था, उसे 'अपात्र' कर दिया गया। जो ठेकेदार पहली फाइल में 'अपात्र' था, उसे 'पात्र' दिखाकर फाइल दोबारा मंजूरी के लिए भेजी गई।