सड़कों के नीचे आधुनिक यूटिलिटी डक्ट सिस्टम ( सोर्स: AI)
नासिक

नासिक में अब नहीं खोदनी पड़ेगी सड़क! 28 प्रमुख मार्गों पर बनेगा आधुनिक यूटिलिटी डक्ट सिस्टम

Nashik Underground Infrastructure: बार-बार सड़क खुदाई रोकने के लिए 28 प्रमुख रूटों पर यूटिलिटी डक्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है। 18 सड़कों पर काम शुरू हो चुका है, ड्रेनेज मास्टर प्लान भी तैयार होगा।

आलोक उमाकृष्ण

Stop Repeated Road Digging Problems: नए बने रास्तों के बार-बार खोदे जाने की समस्या से परेशान नासिक शहर के नागरिकों के लिए नासिक महानगरपालिका ने एक बेहद महत्वपूर्ण और स्थायी समाधान ढूंढ निकाला है।

शहर में पानी, बिजली, गैस, इंटरनेट फाइबर केबल और ड्रेनेज जैसी विभिन्न सुविधाओं के लिए अब सड़कों के नीचे आधुनिक 'यूटिलिटी डक्ट सिस्टम' विकसित की जा रही है।

इस तकनीक के लागू होने से न केवल नई सड़कों को बार-बार खोदने से बचाया जा सकेगा, बल्कि नागरिकों को मिलने वाली असुविधा और यातायात की समस्याओं पर भी पूरी तरह से लगाम लगेगी।

18 प्रमुख सड़कों पर काम शुरू

मनपा द्वारा बनाए जा रहे इस मास्टर प्लान के तहत शहर के 28 प्रमुख मार्गों पर यूटिलिटी डक्ट बिछाने का नियोजन किया गया है, जिनमें से 18 महत्वपूर्ण सड़कों पर प्रत्यक्ष रूप से काम शुरू भी कर दिया गया है।

इसके तहत सड़क के किनारे या नीचे विशेष भूमिगत केबिन बनाए जाएंगे। भविष्य में किसी भी कंपनी या सरकारी विभाग को केबल बिछाने या मरम्मत करने के लिए सड़क को तोड़ने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे सीधे डक्ट के माध्यम से काम कर सकेंगे।

मनपा अधिकारियों का मानना है कि यदि सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ इस योजना पर अमल करें, तो आने वाले दशकों में नासिक को एक मजबूत, टिकाऊ और सुंदर भूमिगत बुनियादी ढांचा मिल सकेगा।

तैयार हो रहा ड्रेनेज मास्टर प्लान

शहर की केवल वर्तमान स्थिति ही नहीं, बल्कि वर्ष 2055 तक की अनुमानित जनसंख्या और शहरी विस्तार को ध्यान में रखते हुए महानगरपालिका ने ड्रेनेज व्यवस्था के कायाकल्प की योजना तैयार की है। लगभग 1,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक नया 'ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

इसके जरिए शहर के जल निकासी तंत्र को पूरी तरह से अपग्रेड किया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान जलभराव और सीवरेज ओवरफ्लो जैसी गंभीर समस्याओं से शहरवासियों को हमेशा के लिए निजात मिल सकेगी।

सिस्टम से होने वाले प्रमुख लाभ

करोड़ों रुपये की बचतः बार-बार सड़क निर्माण और मरम्मत पर होने वाले फिजूल खर्च पर रोक लगेगी।

सड़क हादसों से राहतः सड़कों पर गड्ढे और खुदाई न होने से दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम हो जाएगी।

सुगम यातायातः निर्माण कार्यों के कारण शहर में लगने वाले ट्रैफिक जाम से नागरिकों को मुक्ति मिलेगी।

सुविधाजनक मरम्मतः किसी भी पाइपलाइन या केबल में खराबी आने पर बिना किसी व्यवधान के तुरंत मरम्मत संभव होगी।

विजन के साथ तैयार हो रहा नासिक

बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए नासिक मनपा अगले 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर रणनीति बना रही है। 1,000 करोड़ रुपये के ड्रेनेज मास्टर प्लान में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), बड़ी भूमिगत पाइपलाइनें और आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क शामिल है।

एजेंसियों के खिलाफ भारी जुर्माना

योजना को पूरी तरह सफल बनाने के लिए मनपा, महावितरण, भारत संचार निगम, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और प्राकृतिक गैस कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल अत्यंत आवश्यक है।

मनपा प्रशासन अब बिना अनुमति सड़क खोदने वाली एजेंसियों के खिलाफ भारी जुर्माना और सख्त कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान करने जा रहा है, ताकि डक्ट सिस्टम का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

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