31 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में महाध्वजारोहण प्रस्तावित।
रामकुंड परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का पूर्वाभ्यास।
दोपहर 12:02 बजे महाध्वजारोहण का प्रस्तावित समय।
साधुग्राम में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए करीब ₹3.29 करोड़ मंजूर।
अखाड़ों के साधु-संतों और महंतों के ठहरने के लिए आंतरिक सड़कें, बिजली और जलापूर्ति की व्यवस्था होगी।
Nashik Simhastha Kumbh Flag Hoisting Droupadi Murmu: नासिक -त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। 31 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में प्रस्तावित महाध्वजारोहण समारोह से पहले रामकुंड परिसर में पूर्वाभ्यास किया गया। वहीं, तपोवन स्थित साधुग्राम में अखाड़ों के लिए सड़क, जलापूर्ति, जल निकासी, बिजली और मंडप जैसी सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 3.29 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मनपा की स्थायी समिति ने मंजूरी दी है।
नासिक -त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों को गति मिल रही है। 31 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में होने वाले प्रस्तावित महाध्वजारोहण समारोह के लिए जिला प्रशासन ने रामकुंड परिसर में कार्यक्रम का पूर्वाभ्यास किया। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर सुरक्षा, यातायात और अतिथियों के बैठने की व्यवस्था तक की समीक्षा की गई।
प्रारंभिक कार्यक्रम के अनुसार, करीब 10 मिनट तक यज्ञ और उसके बाद पांच मिनट में गौतमी गोदावरी पूजन किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12:02 बजे महाध्वजारोहण का प्रस्तावित समय निर्धारित किया गया है। राष्ट्रपति के आगमन और स्वागत से लेकर शंखनाद तथा गोदावरी आरती तक सभी कार्यक्रमों के बीच समय का समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
कुंभ मेला आयुक्त शेखर सिंह के निर्देश पर आयोजित पूर्वाभ्यास के दौरान अपर जिलाधिकारी हेमांगी पाटिल ने रामकुंड परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने यज्ञकुंड, गौतमी गोदावरी मंदिर, धर्मध्वज स्तंभ और गोदावरी आरती स्थल पर की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पूर्वाभ्यास के आधार पर उपविभागीय अधिकारी अर्पिता दुबे विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपेंगी। इसके बाद प्रस्ताव राष्ट्रपति कार्यालय की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर विशेष सुरक्षा दल कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करेगा और आवश्यक बदलावों के बाद अंतिम कार्यक्रम तय किया जाएगा।
ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों के साथ ही तपोवन स्थित साधुग्राम में अखाड़ों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की दिशा में भी कदम उठाया गया है। महानगरपालिका की स्थायी समिति ने इस कार्य के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इन सुविधाओं पर करीब 3.29 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मनपा के निर्माण विभाग ने इसके लिए ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया आयोजित की थी। कुल सात निविदाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से पांच पात्र पाई गईं। पात्र निविदाओं में मेसर्स संजय वासुदेव गडाख की निविदा सबसे कम दर वाली रही। इसके अनुसार, निर्माण कार्य की लागत 3 करोड़ 22 लाख 98 हजार 17 रुपये निर्धारित की गई है, जबकि वास्तुकार शुल्क के लिए 5 लाख 97 हजार 751 रुपये की सीमा तय की गई है।
सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान साधुग्राम में दिगंबर, निर्मोही और निर्वाणी अखाड़ों के साधु-संतों, महंतों और खालसों के आने की संभावना को देखते हुए सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके तहत आंतरिक सड़कें, जलापूर्ति, जल निकासी, बिजली और मंडप की व्यवस्था शामिल है।
इन कार्यों से मेले के दौरान साधु-संतों और महंतों के ठहरने तथा दैनिक गतिविधियों के संचालन में मदद मिलने की उम्मीद है। अब प्रशासन के सामने निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा करने और ध्वजारोहण समारोह की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की चुनौती है।