धर्मध्वजारोहण के लिए त्र्यंबकेश्वर पहुंचे 10 संन्यासी अखाड़ों के संत।
शंकराचार्य स्वामी विधुशेखर भारती जी महाराज के सानिध्य में होगा समारोह।
शनिवार दोपहर 12:02 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ फहराया जाएगा धर्मध्वज।
जूना, निरंजनी, आवाहन और उदासीन अखाड़ों के प्रमुख पदाधिकारी पहुंचे।
12 अगस्त 2027 से अमृत स्नान का क्रम शुरू होने की जानकारी।
Nashik Trimbakeshwar Simhastha Kumbh 10 Akhada Mahant: सिंहस्थ कुंभ के धर्मध्वजारोहण समारोह के लिए त्र्यंबकेश्वर में देशभर के 10 संन्यासी अखाड़ों के शीर्ष संत, महामंडलेश्वर और पदाधिकारी पहुंच चुके हैं। शनिवार, 31 अक्टूबर को श्रृंगेरी शारदा पीठ के उत्तराधिकारी शंकराचार्य स्वामी विधुशेखर भारती जी महाराज के सानिध्य में दोपहर 12:02 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धर्मध्वज फहराया जाएगा। इसके साथ ही सिंहस्थ पर्व का औपचारिक शुभारंभ होगा।
नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के धार्मिक शुभारंभ को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। धर्मध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के लिए देशभर के 10 संन्यासी अखाड़ों के शीर्ष महंत, महामंडलेश्वर और प्रमुख पदाधिकारी त्र्यंबकेश्वर पहुंच चुके हैं। सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा से जुड़े इस महत्वपूर्ण आयोजन में विभिन्न अखाड़ों के संतों की उपस्थिति विशेष आकर्षण रहेगी।
शनिवार, 31 अक्टूबर को दक्षिण आम्नाय श्रृंगेरी शारदा पीठ के उत्तराधिकारी शंकराचार्य स्वामी विधुशेखर भारती जी महाराज के सानिध्य में धर्मध्वजारोहण किया जाएगा। दोपहर 12:02 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच धर्मध्वज फहराया जाएगा। इसके साथ ही सिंहस्थ पर्व काल का औपचारिक शुभारंभ होगा।
धर्मध्वजारोहण समारोह में सहभागिता के लिए देश के प्रमुख संन्यासी अखाड़ों के वरिष्ठ पदाधिकारी त्र्यंबकेश्वर पहुंच चुके हैं। इनमें जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री एवं अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि, निरंजनी अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी और आवाहन अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री महंत सत्य गिरि शामिल हैं।
इसके अलावा बड़ा उदासीन अखाड़ा के भ्रमणशील मंडल के महंत दुर्गादास, आनंद अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत शंकरानंद, सरस्वती एवं निर्मल अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत देवेंद्र तथा नया उदासीन अखाड़ा के महंत भगत राम सहित विभिन्न अखाड़ों के पदाधिकारी भी त्र्यंबकेश्वर पहुंच गए हैं।
इन संतों की उपस्थिति से समारोह में अखाड़ों की भागीदारी महत्वपूर्ण रहेगी। सिंहस्थ कुंभ की परंपरा में अखाड़ों और साधु-संतों का विशेष स्थान है। उनके सानिध्य में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह है।
धर्मध्वजारोहण समारोह का आयोजन पुरोहित संघ, त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद और कुंभ मेला विकास प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और धार्मिक विधियों के साथ धर्मध्वजा स्थापित की जाएगी।
धर्मध्वजारोहण को सिंहस्थ कुंभ की धार्मिक गतिविधियों के औपचारिक आरंभ का प्रतीक माना जाता है। इस आयोजन के बाद कुंभ से जुड़ी आगामी धार्मिक तैयारियों और गतिविधियों को गति मिलेगी।
सिंहस्थ कुंभ के प्रमुख आकर्षण अमृत स्नान को लेकर भी श्रद्धालुओं में उत्सुकता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, गुरु ग्रह की चाल के आधार पर मुख्य अमृत स्नान अगस्त-सितंबर 2027 में आयोजित होने की जानकारी दी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 अगस्त 2027 से अमृत स्नान का क्रम शुरू होगा। धर्मध्वजारोहण के साथ शुरू होने वाला सिंहस्थ पर्व आने वाले समय में देशभर के साधु-संतों और श्रद्धालुओं को त्र्यंबकेश्वर की ओर आकर्षित करेगा।