Nashik TCS Case: महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस (TCS) कंपनी में महिला कर्मचारियों के यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के प्रयास के मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। इस पूरे प्रकरण की मुख्य संदिग्ध निदा खान को सोमवार को नासिक रोड न्यायालय (Nashikroad Court) में पेश किया गया, जहाँ माननीय न्यायाधीश ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजने का आदेश सुनाया है।
निदा खान की पांच दिनों की पुलिस कस्टडी समाप्त होने के बाद आज उसे कड़े पुलिस बंदोबस्त के बीच अदालत में लाया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नाशिकरोड न्यायालय परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। चर्चा थी कि निदा खान के गर्भवती होने के कारण उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा, लेकिन पुलिस ने उसे प्रत्यक्ष रूप से न्यायाधीश के समक्ष खड़ा किया। विशेष बात यह रही कि पुलिस ने निदा खान की कस्टडी बढ़ाने की मांग नहीं की। माना जा रहा है कि आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति (गर्भावस्था) को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने उसे जेल भेजने पर सहमति जताई। अब निदा खान को नाशिकरोड सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
नासिक पुलिस की पांच दिनों की पूछताछ में निदा खान के काम करने के तरीकों को लेकर रोंगटे खड़े कर देने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस तपाश के अनुसार, निदा खान केवल कंपनी तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह पीड़ित महिला कर्मचारियों के घर तक पहुँच चुकी थी। निदा पीड़ितों के घर जाकर विशेष धार्मिक अनुष्ठान करती थी। पीड़िता को एक विशिष्ट धर्म की प्रार्थना करने, उनके रीति-रिवाजों को अपनाने और विशेष प्रकार के पहनावे पहनने के लिए मजबूर किया जाता था।
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सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि निदा ने पीड़िता को धार्मिक कट्टरता और मतपरिवर्तन से संबंधित 171 ऑनलाइन लिंक भेजे थे। इन लिंक्स के जरिए वीडियो और अन्य सामग्री दिखाकर पीड़िता का मानसिक संतुलन प्रभावित करने का प्रयास किया गया। पुलिस अब उन तकनीकी सूत्रों की जांच कर रही है जहाँ से ये लिंक जेनरेट किए गए थे।