Nashik Health Department: त्योहारों के मौसम में नासिककरों के सामने स्वाइन फ्लू का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। डेंग्यू के बढ़ते मामलों के बीच अब एच1एन1 वायरस ने भी शहर में तेजी से पैर पसारना शुरू कर दिया है। पिछले महज 3 सप्ताह में स्वाइन फ्लू के 114 नए मरीज सामने आए हैं।
इसके साथ ही जिले में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 261 हो गई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अगस्त और सितंबर के दौरान स्वाइन फ्लू से 11 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
मानसून से पहले स्वाइन फ्लू की स्थिति लगभग नियंत्रण में थी। जनवरी से जून तक छह महीनों में जिले में केवल सात मरीज मिले थे। लेकिन जुलाई से स्थिति तेजी से बदलने लगी। जुलाई में 21 मरीज सामने आए। इसके बाद अगस्त में एक ही महीने में 119 मरीजों की पुष्टि हुई। सितंबर के पहले तीन सप्ताह में ही 114 नए मरीज मिलने से संक्रमण की तेज रफ्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्वाइन फ्लू से जुलाई और अगस्त में पांच लोगों की मौत हुई थी। सितंबर में अब तक छह और मरीजों की मौत दर्ज की गई है। इस तरह मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इनमें नासिक महानगरपालिका क्षेत्र के तीन, ग्रामीण क्षेत्र के छह तथा मालेगांव और सांगली के एक-एक मरीज शामिल हैं।
गणेशोत्सव के दौरान शहर में बढ़ी भीड़, सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही और बदलते मौसम के कारण संक्रमण को फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिलने की बात स्वास्थ्य विभाग की ओर से कही जा रही है। स्वाइन फ्लू एच1एन1 इन्फ्लूएंजा वायरस से होने वाला संक्रामक श्वसन रोग है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए इसका संक्रमण फैल सकता है। बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने तथा मौसम में बदलाव के कारण विभिन्न संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्वाइन फ्लू के साथ ही डेंग्यू के मरीजों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। जनवरी से जुलाई तक डेंग्यू के 56 मरीज मिले थे। अगस्त में 45 और सितंबर के पहले तीन सप्ताह में 46 नए मरीज सामने आए। इसके साथ ही इस वर्ष डेंग्यू संक्रमितों की संख्या 147 तक पहुंच गई है। राहत की बात यह है कि डेंग्यू से अब तक किसी मरीज की मौत दर्ज नहीं हुई है।
स्वाइन फ्लू और डेंग्यू के साथ ही चिकनगुनिया, मलेरिया तथा बुखार जैसे रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ने से मनपा के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग ने रोकथाम के उपाय तेज कर दिए हैं। संदिग्ध मरीजों की जांच, उपचार और संक्रमण की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। त्योहारों के दौरान नागरिकों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने, संक्रमित अथवा बीमार व्यक्ति से उचित दूरी रखने और लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।