नासिक सिद्धार्थ गोरे मौत  (सोर्सः सोशल मीडिया)
नासिक

सिद्धार्थ गोरे का पार्थिव रखा नासिक मनपा के सामने, महिलाओं ने दोबारा किया रास्ता रोको, ठेकेदार के खिलाफ आक्रोश

Nashik Siddharth Gore Death: नासिक में सड़क पर रखे पाइप से बाइक टकराने के बाद सिद्धार्थ गोरे की मौत से नागरिकों में आक्रोश है। मनपा के सामने पार्थिव रखकर प्रदर्शन किया गया ।

आंचल लोखंडे

Nashik Municipal Corporation Protest: जलापूर्ति पाइपलाइन के काम के लिए सड़क पर आड़े रखे गए काले पाइप अंधेरे और बारिश के कारण दोपहिया सवार को दिखाई नहीं दिए। पाइप से बाइक टकराने के बाद हुए हादसे में सिद्धार्थ गोरे (साईराम उपेंद्रनगर, सिडको) की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद रविवार को नागरिकों का आक्रोश मनपा के दरवाजे तक पहुंच गया।

गोरे का पार्थिव मनपा के सामने रखकर नागरिकों ने जोरदार आंदोलन किया। लापरवाही के कारण युवक की जान जाने का आरोप लगाते हुए मृतक की पत्नी को मनपा में नौकरी देने और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई। इस दौरान मनपा प्रशासन मुर्दाबाद के नारों से परिसर गूंज उठा।

लिखित आश्वासन के लिए नागरिकों का आक्रामक रुख

आंदोलन के दौरान महापौर और मनपा आयुक्त से लिखित आश्वासन देने की मांग की गई। केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय लिखित रूप में देने की भूमिका आंदोलनकारियों ने अपनाई। स्थिति बिगड़ती देख मनपा के प्रतिनिधि राजेश अग्रवाल आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों की आयुक्त से वॉइस कॉल के जरिए बातचीत कराई। आयुक्त से चर्चा के बाद आंदोलनकारी गोरे का पार्थिव अंतिम संस्कार के लिए ले गए। हालांकि, आंदोलन समाप्त होने का यह दृश्य महज कुछ मिनटों तक ही रहा।

महिलाओं से भरा ट्रक पहुंचा, फिर रास्ता रोको

पार्थिव अंतिम संस्कार के लिए रवाना होने के कुछ ही मिनट बाद सिडको क्षेत्र से महिलाओं और नागरिकों से भरा एक ट्रक मनपा के सामने पहुंचा। ट्रक में महिलाओं की संख्या अधिक थी। उन्होंने सीधे मनपा के सामने रास्ता रोको आंदोलन शुरू कर दिया। लिखित आश्वासन मिलने तक पीछे नहीं हटने का आक्रामक रुख महिलाओं ने अपनाया।

इस घटनाक्रम से मनपा प्रशासन की अच्छी-खासी भागदौड़ शुरू हो गई। आंदोलन स्थल पर भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने सतर्कता बरती। स्थानीय नगरसेवक भी घटनास्थल पर मौजूद थे। उन्होंने महासभा में यह मुद्दा उठाकर गोरे के परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन आंदोलनकारियों को दिया।

ठेकेदार की लापरवाही का मुद्दा गरमाया

सड़क पर पाइप आड़े रखते समय वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने का आरोप नागरिकों ने लगाया है। अंधेरे में काले पाइप दिखाई नहीं देने से एक युवक की जान चली गई। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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