Nashik Ring Road Farmers Compensation: सिंहस्थ कुंभ की पृष्ठभूमि में नासिक रिंग रोड और हाईवे-29 से प्रभावित किसानों के मुद्दों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। मखमलाबाद-गोवर्धन अलाइनमेंट का आठ दिनों में पुनर्सर्वेक्षण होगा। सरकार ने 15 दिनों में लंबित मुद्दे सुलझाने का आश्वासन दिया है।
नासिक, आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के बीच प्रस्तावित रिंग रोड और हाईवे नंबर 29 से प्रभावित किसानों के मुद्दे पर सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है। मुंबई में पालकमंत्री गिरीश महाजन की प्रमुख उपस्थिति में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को मखमलाबाद से गोवर्धन अलाइनमेंट का अगले आठ दिनों में पुनर्सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्सर्वेक्षण के दौरान किसानों के घरों, कुओं, बोरवेल और कृषि भूमि को कम से कम नुकसान हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में प्रभावित किसानों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
किसानों की ओर से गवर्लीवाड़ी के रास्ते सुझाए गए वैकल्पिक मार्ग पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इस मार्ग का तकनीकी परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। यदि यह मार्ग तकनीकी रूप से उपयुक्त पाया जाता है, तो इसे स्वीकार करने के प्रति सकारात्मक रुख अपनाने को कहा गया है।
इससे रिंग रोड के मौजूदा अलाइनमेंट से प्रभावित किसानों को संभावित राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि अंतिम निर्णय तकनीकी परीक्षण और पुनर्सर्वेक्षण के बाद लिया जाएगा।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गुणांक दो और शहरी क्षेत्रों के लिए गुणांक एक के प्रावधान के अनुसार मुआवजा निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। सिंचित भूमि का सही वर्गीकरण करने तथा पिछले तीन वर्षों में हुए उच्चतम खरीद-बिक्री सौदों को आधार बनाकर मुआवजा निर्धारित करने को कहा गया।
वहीं हाईवे नंबर 29 से प्रभावित किसानों के मार्ग नियोजन में हुई कथित गलतियों को सुधारकर वर्ष 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक में बताया कि रिंग रोड के भूमि अधिग्रहण के लिए 3,600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही सभी लंबित मुद्दों को आगामी 15 दिनों में सुलझाने का आश्वासन दिया गया।
यह बैठक छावा क्रांतिवीर सेना के संस्थापक अध्यक्ष करण गायकर के नेतृत्व में करीब डेढ़ घंटे चली। बैठक के बाद किसान प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों की लड़ाई को 95 प्रतिशत सफल बताते हुए मुख्यमंत्री और पालकमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
बैठक में विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम, एमएसआईडीसी के ब्रिजेश दीक्षित, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद, कुंभमेला आयुक्त शेखर सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। किसान प्रतिनिधिमंडल में करण गायकर सहित प्रभावित क्षेत्रों के कई किसान प्रतिनिधि शामिल हुए।
अब आठ दिनों में होने वाले पुनर्सर्वेक्षण और वैकल्पिक मार्ग के तकनीकी परीक्षण के बाद यह स्पष्ट होगा कि रिंग रोड का अंतिम अलाइनमेंट किस तरह तय किया जाता है।