Nashik Revenue Department Action On Talathi: नासिक जिले में राजस्व विभाग के कामकाज में अनियमितता पाए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच के दौरान सामने आई गड़बड़ियों के आधार पर 3 तलाठियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हलचल मच गई है।
राजस्व विभाग की ओर से किए गए निरीक्षण और जांच में फेरफार (Mutation) रिकॉर्ड से जुड़े कामकाज में अनियमितता सामने आई। जमीन से संबंधित रिकॉर्ड में फेरफार एंट्री का महत्वपूर्ण स्थान होता है। ऐसे में इन रिकॉर्ड को तैयार करते समय नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।
इस मामले में मुंढेगांव के तलाठी मनोज वाकदकर, सांजेगांव के तलाठी समीक्ष देव और देवदुमाला के तलाठी सोमनाथ सांगले को निलंबित किया गया है। फेरफार रिकॉर्ड और राजस्व संबंधी कामकाज में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर इन तीनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा, नासिक जिले के राजस्व विभाग ने पुष्कराज निकम और नितिन केदारी की सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी को रोक दिया गया है। वडीवरहे के सर्कल ऑफिसर बबन कोकाटे की सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी को भी रोक दिया गया है।
फेरफार रिकॉर्ड जमीन के अधिकार, स्वामित्व और अन्य राजस्व मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों में शामिल होता है। इसलिए इन रिकॉर्ड में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता गंभीर मानी जाती है। नासिकमें हुई कार्रवाई से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राजस्व कामकाज में नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फेरफार रिकॉर्ड जमीन से जुड़े अधिकारों और स्वामित्व में होने वाले बदलावों का महत्वपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड होता है। जमीन से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं में इन रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए फेरफार एंट्री करते समय संबंधित दस्तावेजों और नियमों का सही तरीके से पालन करना जरूरी होता है। रिकॉर्ड में अनियमितता होने से संबंधित पक्षों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।
तीन तलाठियों के निलंबन और तीन अन्य अधिकारियों की वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के कामकाज और फेरफार रिकॉर्ड की जांच को लेकर और अधिक सतर्कता बरते जाने की संभावना है। जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ी या नियमों की अनदेखी मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई हो सकती है।