Nashik Municipal ElectionL: नासिक महानगरपालिका चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन शहर के सभी 10 केंद्रों पर जबरदस्त गहमागहमी और हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।
मंगलवार को नामांकन की अंतिम तिथि होने के कारण सुबह से ही उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। खासकर राजनीतिक दलों के आधिकारिक 'एबी फॉर्म' हासिल करने के लिए मची अफरातफरी दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।
महापालिका की 122 सीटों के लिए सुबह 11 बजे से प्रक्रिया शुरू हुई, भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सभी केंद्रों पर कड़ा पुलिस बंदोबस्त किया था।
कई मुख्य सड़कों पर बैरिके लगाकर आवाजाही बंद कर दी गई थी। हालांकि प्रशासन ने रैली और शक्ति प्रदर्शन पर रोक लगाई थी, इसलिए अधिकांश उम्मीदवारों ने सीमित समर्थकों के साथ ही पर्चा दाखिल किया।
आधिकारिक उम्मीदवारी न मिलने के कारण कई केंद्रों पर उम्मीदवारों के बीच भारी नाराजगी और बेचैनी भी देखी गई। दोपहर 3 बजे बंद हुए दरवाजे नामांकन दाखिल करने की समय-सीमा दोपहर 3 बजे समाप्त हो गई।
नियम के अनुसार, 3 बजे से 5 मिनट पहले ही प्रवेश द्वार बंद कर ताले लगा दिए गए। हॉल के भीतर मौजूद उम्मीदवारों की संख्या इतनी अधिक थी कि प्रक्रिया पूरी करने में दो से तीन घंटे का अतिरिक्त समय लगा।
नामांकन के आखिरी दिन भाजपा को बड़ा झटका लगा, जब टिकट न मिलने से नाराज कई इच्छुक उम्मीदवारों ने पाला बदल लिया, प्रभाग क्रमांक 13 सहित कई क्षेत्रों के उम्मीदवारों ने शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) का दामन थामकर नामांकन दाखिल किया। जिन नेताओं को किसी भी प्रमुख दल से टिकट नहीं मिल सका, उन्होंने निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है।