CIDCO Political Clash:नासिक महानगरपालिका चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया) 
नासिक

सिडको में महाभारत! सीमा हिरे बनाम सुधाकर बडगुजर, एबी फॉर्म को लेकर राजनीतिक जंग

CIDCO Political Clash: नासिक महानगरपालिका चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन सिडको परिसर में सीमा हिरे और सुधाकर बडगुजर के बीच एबी फॉर्म को लेकर जबरदस्त राजनीतिक टकराव देखने को मिला।

आंचल लोखंडे

Nashik Municipal Election: नासिक महानगरपालिका चुनाव में नामांकन के आख़िरी दिन जबरदस्त राजनीतिक नाट्य देखने को मिला। सिडको परिसर में संघर्ष चरम पर पहुंच गया। नासिकक पश्चिम की विधायक सीमा हिरे ने अपने समर्थकों को उम्मीदवारी और एबी फॉर्म दिलाने में सफलता हासिल की, जिससे उनके गुट में जश्न का माहौल रहा। हालांकि, इसी फैसले से सुधाकर बडगुजर समर्थकों में तीव्र नाराज़गी फैल गई।

विशेष रूप से दिलीप जातीर और शीतल भामरे के एबी फॉर्म कटने से बडगुजर गुट भड़क उठा। इसी तनाव के दौरान सीमा हिरे समर्थकों द्वारा सुधाकर बडगुजर पर धावा बोलने की घटना भी सामने आई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने राकेश ढोमसे को लगभग तीन घंटे तक हिरासत में रखा।

राजनीतिक क्लाइमैक्स

हालांकि, असली राजनीतिक क्लाइमैक्स छाननी के दिन देखने को मिला। प्रभाग क्रमांक 25 में सुधाकर बडगुजर ने अपनी पत्नी और बेटे के लिए सीधे एबी फॉर्म भरते हुए पीछे न हटने का निर्णय लिया। इसके चलते सीमा हिरे समर्थक राकेश ढोमसे की पत्नी भाग्यश्री ढोमसे को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना पड़ेगा। दूसरी ओर, बडगुजर समर्थक साधना मटाले को एबी फॉर्म मिलने से उनकी उम्मीदवारी पक्की हो गई है, जबकि सीमा हिरे समर्थक रवि पाटील की पत्नी अब निर्दलीय रूप से मैदान में उतरेंगी।

समर्थकों की भारी भीड़ जमा

सिडको विभागीय कार्यालय में सीमा हिरे और उनके पति के साथ समर्थकों की भारी भीड़ जमा रही, लेकिन राजनीतिक पटल पर सुधाकर बडगुजर का पलड़ा भारी होने का संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इधर, प्रभाग क्रमांक 29 पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। गिरीश महाजन और सीमा हिरे समर्थक मुकेश शहाणे की उम्मीदवारी लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन दीपक बडगुजर द्वारा पहले ही एबी फॉर्म भर दिए जाने से शहाणे मुश्किल में फंस गए हैं। दीपक बडगुजर पीछे हटेंगे या नहीं, इस पर सस्पेंस बना हुआ है।

इस पूरी पृष्ठभूमि में सिडको परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस बल बड़ी संख्या में तैनात किया गया है। अब सुनवाई के बाद स्थिति साफ होगी और राजनीतिक पलड़ा किसके पक्ष में झुकता है, यह देखना दिलचस्प रहेगा।

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