नासिक: पानी लीकेज और पानी के एक-एक बूंद का हिसाब लेने के लिए नासिक महानगरपालिका (Nashik Municipal Corporation) ने अवैध नल कनेक्शन (Illegal Tap Connection) धारकों से वैध कनेक्शन के लिए आवेदन करने की अपील की हैं, लेकिन अवैध नल कनेक्शन धारकों का प्रतिसाद न मिलने से अब महानगरपालिका ने सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
अब तक अवैध नल कनेक्शन को वैध करने के लिए 157 आवेदन (Application) प्राप्त हुए हैं, जो अपने आप में एक बड़ी बात है। नासिक महानगरपालिका के सीमा क्षेत्र में बड़े तौर पर जलापूर्ति की जाती हैं, परंतु जिस मात्रा में जलापूर्ति हो रही है, उसकी तुलना में वसूली नहीं हो रही है।
इसके लिए जल लीकेज के साथ जल की चोरी की जिम्मेदारी के साथ ही जलापूर्ति योजना पर होने वाला खर्च भी वसूल नहीं हो पा रहा है। इसलिए महानगरपालिका ने अवैध जल कनेक्शन की खोज करने के साथ अवैध नल कनेक्शन को अवैध करने के लिए ‘अभय योजना’ लागू की है। शहर में कुल पौने 5 लाख मकान हैं। इसमें 2 लाख नल कनेक्शन हैं। 25 हजार से अधिक अवैध नल कनेक्शन हैं। अभय योजना की अवधि 15 जून तक है, परंतु अब तक केवल 157 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें से 58 आवेदन मंजूर किए गए हैं। 99 आवेदन पर प्रक्रिया शुरू हैं।
2017 में अभय योजना लागू की गई थी। इसके तहत 1,400 नल कनेक्शन वैध करने से 28 लाख 21 हजार रुपए का राजस्व महानगरपालिका को मिला। अब दूसरी बार अभय योजना कार्यान्वित की गई, लेकिन उसे प्रतिसाद नहीं मिल रहा है। इसलिए फौजदारी मामला दाखिल कर कार्रवाई की जाएगी। अभय योजना खत्म होने के बाद अवैध नल कनेक्शन की खोज की जाएगी। अवैध नल कनेक्शन मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नल कनेक्शन हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।