Simhastha Kumbh Water Supply Project: नासिक मनपा की महासभा समाप्त होते ही महापौर हिमगौरी आहेर आडेक और मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने देर रात करीब 10 बजे मुकणे स्थित जलशोधन संयंत्र के निर्माण कार्य का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए चल रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की गति, गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की गई। मुकणे बांध के पास लगभग 7 एकड़ भूमि पर 274 (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का जलशोधन संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।
कुंभ मेले की तैयारियां अंतिम चरण में होने के कारण आवश्यक नागरिक सुविधाओं के कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए नगर निगम प्रशासन लगातार मुआयना कर रहा है। इस परियोजना के तहत 60 मीटर व्यास वाली 90 MLD क्षमता की पानी की टंकी का कंक्रीटीकरण कार्य लगातार 48 घंटे (नॉन-स्टॉप) मोड में किया जा रहा है।
इस चुनौतीपूर्ण कार्य की शुरुआत के बाद महापौर और आयुक्त ने रात के समय संयंत्र स्थल का दौरा कर निर्माण सामग्री, तकनीकी प्रक्रिया और कंक्रीटीकरण की गति का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुकणे का यह जलशोधन संयंत्र न केवल सिंहस्थ कुंभ मेले की तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि नासिक शहर की वर्ष 2050 तक की संभावित आबादी और बढ़ती जल मांग को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक दृष्टिकोण से विकसित किया जा रहा है। इससे कुंभ मेले के बाद भी आगामी कई दशकों तक शहर की जलापूर्ति प्रणाली चुस्त-दुरुस्त बनी रहेगी।
इस संयंत्र के निर्माण में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही 'अमृत 2.0' अभियान के तहत शहर के जल वितरण ढांचे, पंपिंग क्षमता और जलापूर्ति नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया है।
ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से वित्तपोषित लगभग 370 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम युद्ध स्तर पर जारी है। महापौर हिमगौरी आहेर आडेक ने स्पष्ट किया कि काम में तेज़ी लाते समय गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
महापौर हिमगौरी आहेर आडेक ने कहा है कि सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने के साथ-साथ हम अगले कई दशकों के लिए नासिक की जल सुरक्षा की योजना बना रहे हैं।
वर्ष 2050 की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा मुकणे WTP प्रोजेक्ट नासिक के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।