Nashik Simhastha Budget: नासिक महानगरपालिका की महासभा में सोमवार को आम चुनाव के बाद पहली बार सिंहस्थ कुंभमेले के कार्यों की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की गई। आयुक्त मनीषा खत्री ने पीपीटी के माध्यम से परियोजनाओं की जानकारी दी। लेकिन इस प्रस्तुतीकरण के बाद बड़े फंड की उम्मीद लगाए बैठे पार्षदों में निराशा का माहौल दिखा। मनपा ने करीब 15,000 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन अब तक केवल 1,260 करोड़ रुपये ही मंजूर हुए हैं।
15 हजार करोड़ रुपये का महाआराखडा और प्रस्तावित खर्च महानगरपालिका ने सिंहस्थ के लिए 15,169 करोड़ रुपये का विकास आराखड़ा तैयार किया है। प्रमुख प्रस्तावित खर्च इस प्रकार हैं- सार्वजनिक बांधकाम विभाग के लिए 3,952 करोड़ और पुल/सड़कों के लिए बड़ी राशि।
जलापूर्ति के लिए 720 करोड़ और मलनिस्सारण के लिए 2।933 करोड़ रुपये, संपत्ति व भूमि अध्यिहाण के लिए सबसे बड़ी राशि 5,426 करोड़ रुपये की मांग की गई है। स्वास्थ्य के लिए 316 करोड़ और विद्युत विभाग के लिए 155 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। आगामी सिंहस्थ में करीब 8 करोड श्रद्धालुओं के नासिक आने का अनुमान है वर्ष 2003 के कुंभमेले के लिए 230 करोड़ और 2015 के लिए 1,052 करोड़ रुपये का बजट था। सड़क और पुल जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अपेक्षित राशि नहीं मिलने से विकास कार्यों की गति धीमी होने की आशंका है। पार्षद राहुल दिवे ने तीखी नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि मुख्यमंत्री के पैसे की कमी नहीं होने देंगे के वादे के बाद भी फंड कम क्यों मिल रहा है?
महासभा में विकास के साथ-साथ भ्रष्टाचार का मुद्दा भी गूंजा भाजपा पार्षद सुधाकर बडगुजर ने सीएसपी केंद्र के माध्यम से कर वसूली में 6 लाख 27 हजार रुपये के घोटाले कर मुद्दा उठाया महापौर हिमगौरी आडके-आहेर ने इस मामले में जांच समिति गठित कर कार्रवाई के आदेश दिए है।
बैठक में कुल 38 विषय थे, जिनमे गंगापुर रोड पर जलकुंभी हटाना और मनपा स्कूलों में सुविधाएं शामिल थीं, समय की कमी के कारण कई विषयों पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी।
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महापौर हिमगौरी आडके आहेर ने महासभा में घोषणा की कि कुभमेले प्राधिकरण से समन्वय स्थापित करने के लिए वरिष्ठ पार्षदों की एक समिति गठित की जाएगी, उन्होंने कहा कि इस समिति में उन्हीं सदस्यों को शामिल किया जाएगा।