रामबाबू चौबे
Kinnar Akhara To Participate In Nashik Kumbh : नासिक कुंभ मेले में इस बार पहली बार किन्नर अखाड़े की मौजूदगी देखने को मिलेगी, जो कि श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बिंदु होगी। इसको लेकर अखाड़े की आचार महामंडलेश्वर महंत लक्ष्मीपत त्रिपाठी ने अपनी तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। उज्जैन में पिछले सिंहस्थ के दौरान इस अखाड़े का गठन किया गया था, और अपने गठन के बाद से ही यह कुंभ महाकुंभ में जनता के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा है।
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान जूना अखाड़े के साथ गठजोड़ होने के कारण किन्नर अखाड़े ने जूना अखाड़े के साथ ही अमृत (शाही) स्नान किया था। इसी कारण त्र्यंबकेश्वर में भी किन्नर अखाड़ा जूना अखाड़े के साथ ही अपनी छावनी लगाएगा और शाही स्नान में भाग लेगा। आचार महामंडलेश्वर महंत लक्ष्मीपत त्रिपाठी ने बताया कि किन्नर अखाड़ा अपने पूरे तामझाम और लावलश्कर के साथ नासिक कुंभ की तैयारियों में जुट गया है।
अपने गठन के महज 12 साल के भीतर ही किन्नर अखाड़ा जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हो चुका है। उज्जैन और प्रयागराज महाकुंभ के दौरान यह देखा गया था कि पुण्य लाभ के लिए आने वाले श्रद्धालुओं में से एक बहुत बड़ी संख्या किन्नर अखाड़े के दर्शन के लिए पहुंचने वाले भक्तों की थी। इसे देखते हुए अखाड़े के पदाधिकारियों का मानना है कि त्र्यंबकेश्वर (नासिक) में भी यह भक्तों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा।
अपनी स्थापना के बाद से ही देश भर में चर्चा में रहे किन्नर अखाड़े को लेकर कुछ विवाद भी जुड़े रहे हैं। पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक और भारी विरोध के बाद उन्हें इस पद से हटाए जाने के कारण अखाड़ा काफी सुर्खियों में आया था।
सूत्रों का कहना है कि त्रयंबकेश्वर में भी ममता कुलकर्णी से जुड़ा यह विवाद प्रमुखता से छाया रह सकता है। इसके साथ ही, जानकारों का मानना है कि प्रयागराज में कई विवादों से घिरा रहा किन्नर अखाड़ा त्र्यंबकेश्वर-नासिक में दो भागों में विभाजित भी हो सकता है, जिसकी पटकथा पहले ही बनारस और हरिद्वार में लिखी जा चुकी है।