भक्ति चरण दास महाराज (सोर्स: नवभारत)
नासिक

नासिक तपोवन में जल्द शुरू हो साधु ग्राम का काम, वैष्णव अखाड़े ने जताई चिंता; दांव पर 2027 कुंभ की तैयारियां

Nashik Kumbh Mela 2027: नासिक कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर वैष्णव अखाड़े ने जताई चिंता। तपोवन साधु ग्राम में निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की मांग की गई है। पढ़ें पूरी खबर।

गोरक्ष पोफली

रामबाबू चौबे

Sadhu Gram Work Tapovan Vaishnav Akhada: आगामी नासिक कुंभ मेले को लेकर जहां एक ओर भक्तों और संतों में भारी उत्साह है, वहीं दूसरी ओर इसकी बुनियादी तैयारियों को लेकर चिंता के बादल मंडराने लगे हैं। नासिक के तपोवन साधु ग्राम में अभी तक निर्माण और विकास कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं, जिसे लेकर तीनों वैष्णव अखाड़ों के अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रवक्ता भक्ति चरण दास महाराज ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने शासन, प्रशासन और सरकार से साधु ग्राम में तत्काल कार्य शुरू करने की पुरजोर मांग की है।

देरी बनी संतों के लिए बड़ी चुनौती

नवभारत से हुई एक विशेष बातचीत के दौरान तीनों वैष्णव अनी अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता भक्ति चरण दास महाराज ने बताया कि सरकार द्वारा भूमि का अधिग्रहण तो कर लिया गया है, लेकिन वहां समतलीकरण या अन्य कोई बुनियादी कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है।

हालांकि, प्रशासन और सरकार की तरफ से यह आश्वासन दिया जा रहा है कि मार्च तक सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे। लेकिन प्रवक्ता का मानना है कि कार्यों में जितनी अधिक देरी होगी, आगे चलकर वैष्णव संतों को अपनी छावनियों में आवश्यक व्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं को जुटाने में उतनी ही बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

10 हजार भव्य पंडालों और लाखों श्रद्धालुओं का महापर्व

नासिक तपोवन के साधु ग्राम में बैरागी साधुओं के लिए लगभग दस हजार भव्य पंडाल और छावनियां बनाने का अनुमान है। आंकड़ों के अनुसार, इस भव्य आयोजन में लगभग 1,000 महामंडलेश्वर, 50 महंत, 25 जगद्गुरु, 3,000 से 4,000 महंत और अन्य विभिन्न संप्रदायों के लिए लगभग 3,000 अलग-अलग छावनियां बनाई जाएंगी, जिन्हें मिलाकर कुल 10,000 के आसपास पंडाल सजेंगे।

इस महापर्व के दौरान 25 जुलाई से 20 सितंबर 2027 तक प्रतिदिन लगभग 20 लाख से 30 लाख संत, महंत, महामंडलेश्वर, जगद्गुरु, उनके सेवक और श्रद्धालु मौजूद रहेंगे।

समय-सीमा का कड़ा दबाव

इस बार नासिक कुंभ का पहला शाही स्नान 2 अगस्त को होना निर्धारित है। तैयारियों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि 25 जुलाई से ही सभी संत अपने शिष्यों, महंतों और सेवकों के साथ अपनी-अपनी छावनियों में पहुंच जाएंगे। इस लिहाज से सभी संतों और महंतों की छावनियां या पंडाल हर हाल में 20 जुलाई तक बनकर तैयार हो जाने चाहिए।

इतने बड़े पैमाने पर होने वाले निर्माण कार्य के लिए समय बहुत कम बचा है, इसलिए काम तुरंत शुरू होना आवश्यक है।

लाखों संतों और श्रद्धालुओं की आस्था के इस सबसे बड़े केंद्र 'साधु ग्राम' के कार्यों में हो रही देरी पूरे आयोजन की व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है, जिसे लेकर वैष्णव अखाड़े के प्रवक्ता ने सरकार से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है।

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