Godavari Aarti Guinness Record Video Nashik: नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ के पावन और ऐतिहासिक अवसर पर गोदावरी नदी के तट पर भक्ति, लोक-संस्कृति और सामाजिक समरसता का एक अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला।
नासिक जिले के लगभग 650 अलग-अलग गांवों से आए करीब 6,500 आदिवासी भाई-बहनों ने एक सुर में सामूहिक गोदावरी आरती गाकर एक नया इतिहास रचकर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है।
यह ऐतिहासिक महाआरती नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ के आधिकारिक शुभारंभ के दिन आयोजित की गई। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और 13 अखाड़ों के प्रमुख संतों-महंत उपस्थित है।
नासिक के जनजातीय समाज द्वारा प्रस्तुत यह विशाल गोदावरी आरती न केवल एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास है, बल्कि यह सनातन संस्कृति, नदी संरक्षण और आदिवासी समाज की अटूट आस्था और सांस्कृतिक एकजुटता की एक अनूठी मिसाल बनकर सामने आई है।
31 अक्टूबर 2026 की शाम 6:30 बजे नासिक के पावन गोदा घाट पर 650 विभिन्न गांवों से आए 6,500 से अधिक आदिवासी श्रद्धालु एकत्र हुए। एक साथ, एक लय और एक ही स्वर में भक्तिभाव से गूंजती इस महाआरती ने पूरे गोदावरी तट को अलौकिक ऊर्जा से भर दिया। सामूहिक भक्ति का यह नाद और आरती का गजर वहां मौजूद लाखों श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय क्षण बन गया।
इस ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड के आधिकारिक सत्यापन और निगरानी के लिए 'गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' के प्रतिनिधि और आधिकारिक निर्णयकर्ता स्वयं गोदा घाट पर मौजूद रहे। उन्होंने 6,500 आदिवासियों की इस अनुशासित और एकसुर महाआरती का मौके पर निरीक्षण और सत्यापन किया। अंतत: आदिवासी भाई-बहनों के द्वारा एक सुर में गाया हुआ सामूहिक गोदावरी आरती को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिला है।