Nashik Drug Free Youth: विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए देश की युवा पीढ़ी का नशामुक्त, स्वस्थ और राष्ट्रभक्त होना अत्यंत आवश्यक है। देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और उन्हें नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, योग तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनानी चाहिए।
साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी प्रत्येक नागरिक को निभानी चाहिए। यह आह्वान राज्य के जलसंपदा एवं आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने किया। 'मेरा युवा भारत', महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विश्वविद्यालय तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विश्वविद्यालय में आयोजित 'नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' कार्यक्रम में वे बोल रहे थे।
इस अवसर पर महापौर हिमगौरी आडके-आहेर, विधायक सीमा हिरे, पुलिस आयुक्त डॉ. संदीप कर्णिक, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद, पुलिस अधीक्षक डॉ. डी. एस. स्वामी, कुलसचिव डॉ. राजेंद्र बंगाल, प्रबंधन परिषद सदस्य डॉ. मिलिंद आवारे, जिला युवा अधिकारी अभिलाष म्हस्के सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
गिरीश महाजन ने कहा कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है और यही युवा शक्ति विकसित भारत की आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसे पूरा करने के लिए स्वस्थ, सक्षम और नशामुक्त युवाओं की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से गलत संगति से दूर रहकर शिक्षा, व्यायाम, योग, खेल और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालयीन युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चुनौती बन रही है। क्षणिक आकर्षण या गलत संगति के कारण नशे की लत जीवन को बर्बाद कर सकती है। इसके साथ ही उन्होंने जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए देशी वृक्षों के रोपण एवं संरक्षण पर भी जोर दिया।
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महापौर हिमगौरी आडके-आहेर ने युवाओं से नशामुक्त जीवन का संकल्प लेकर समाज के सामने आदर्श प्रस्तुत करने का आह्वान किया। वहीं जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने कहा कि नशामुक्ति केवल स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व का भी विषय है और युवाओं को जनजागरण अभियान में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के युवाओं को संबोधित किया।
उन्होंने 'नशामुक्त भारत' अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए संतों, आध्यात्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और युवाओं से समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया। साथ ही अगले 100 दिनों तक प्रत्येक संस्था को एक सप्ताह नशाविरोधी जनजागरण अभियान का नेतृत्व करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से नशामुक्ति की शपथ ली।