नासिक DRI कार्रवाई पाकिस्तानी अवैध सामान जब्त  (सोर्स: AI)
नासिक

नासिक में DRI का बड़ा एक्शन: 362 मीट्रिक टन पाकिस्तानी खजूर जब्त, 13 कंटेनर सील कर तस्करी का भंडाफोड़

Nashik DRI Action Pakistan Illegal Goods : नाशिक के अंबड CFS में DRI ने 13 कंटेनर सील कर 362 मीट्रिक टन से अधिक सूखे खजूर जब्त किए। प्रारंभिक जांच में माल पाकिस्तान मूल का होने का दावा है।

मनीषा बोंदरे

Nashik Pakistan Date Smuggling Busted DRI Seizure : राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने नासिकके अंबड CFS में कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान मूल के 362 मीट्रिक टन से अधिक सूखे खजूर से भरे 13 कंटेनर जब्त किए हैं।

प्रारंभिक जांच में माल को UAE के रास्ते भारत लाकर उसकी वास्तविक उत्पत्ति छिपाने की बात सामने आई है।

अंबड CFS में DRI की बड़ी कार्रवाई

पाकिस्तान से जुड़े आयात पर प्रतिबंध के बीच राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने नासिकमें बड़ी कार्रवाई की है। DRI अधिकारियों ने अंबड स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS) में मुंबई की एक आयातक कंपनी द्वारा मंगाए गए सूखे खजूर से भरे 13 कंटेनरों को सील कर दिया। इन कंटेनरों में कुल 362 मीट्रिक टन से अधिक सूखे खजूर (छुआरा) होने की जानकारी सामने आई है।

DRI ने यह कार्रवाई सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर की। प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि जब्त माल पाकिस्तान मूल का है, जबकि आयात संबंधी दस्तावेजों में इसके मूल देश के तौर पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का उल्लेख किया गया था।

कराची से जेबेल अली, फिर भारत भेजा माल

जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, माल को पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से पहले समुद्री मार्ग के जरिए UAE संयुक्त अरब अमीरात के जेबेल अली बंदरगाह पहुंचाया गया। इसके बाद कथित तौर पर माल को दूसरे कंटेनरों में स्थानांतरित किया गया।

प्रारंभिक जांच के मुताबिक, इसके बाद पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा संचालित बताई जा रही कुछ मुखौटा कंपनियों के जरिए माल को दूसरे जहाज पर लादकर भारत भेजा गया। इसका उद्देश्य कथित तौर पर दस्तावेजों में माल को UAE मूल का दिखाना था।

इस तरह माल की वास्तविक उत्पत्ति छिपाकर भारत के प्रतिबंधित आयात नियमों को दरकिनार करने की कोशिश किए जाने का संदेह जांच एजेंसी ने जताया है।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच

पडोसी देश पाकिस्तान से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आने वाले माल पर लगाए गए प्रतिबंधों के बीच इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। DRI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी खेप के पीछे कौन-कौन लोग और कंपनियां शामिल हैं।

जांच एजेंसी आयातक कंपनी, माल भेजने वाली कंपनियों, कंटेनरों की आवाजाही और दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि UAE के रास्ते भारत तक माल पहुंचाने में किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं।

अंबड CFS में 13 कंटेनरों को सील किए जाने के बाद मामले की आगे की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी।

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