Nashik Markandeya Mountain Development: आगामी सिंहस्थ कुंभमेले को देखते हुए सप्तश्रृंगगढ़ क्षेत्र में स्थित पौराणिक और प्राकृतिक वैभव से युक्त मार्कंडेय पर्वत के विकास को बड़ी गति मिली है। वन विभाग ने इस पर्वत के सर्वांगीण विकास के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से न केवल पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के 200 से अधिक अवसर भी पैदा होंगे।
वन विभाग की इस व्यापक विकास योजना के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे-पर्वत की चढ़ाई को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए नई सीढ़ियों का निर्माण और मजबूत रेलिंग लगाई जाएगी। साथ ही सुसज्जित पैदल पथ (दांडी मार्ग) विकसित होगा।
गहरी घाटियों के किनारों पर चेन फेंसिंग और सुरक्षा दीवारें बनाई जाएंगी ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए पांच सुसज्जित शेल्टर शेड बनाए जाएंगे। इसके अलावा, प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए आकर्षक पैगोडा और वॉच टावर स्थापित होंगे। जल स्रोतों का पुनरुद्धार किया जाएगा और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए पहाड़ी ढलानों पर गैबियन वन बांध बनाए जाएंगे।
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मार्कडेय ऋषि की तपोभूमि होने के कारण यह स्थान धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सप्तशृंगगढ़ आने वाले ट्रैकर्स और श्रद्धालुओं को कठिन चढ़ाई और सुविधाओं के अभाव में जो परेशानियां होती थीं, उनका समाधान इस परियोजना से हो जाएगा।
नासिक शहर पूर्व वन विभाग के सहायक वन संरक्षक संतोष सोनवणे के अनुसार, पर्यटन सुविधाएं चढ़ने से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा, जिसका सीधा लाभस्थानीय युवाओं को मिलेगा, गाइड, खान-पान और आवास जैसे क्षेत्रों में रोजगार के 200 से अधिक नए अवसर सृजित होंगे। परियोजना की निविदा प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है, और प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही धरातल पर काम शुरू हो जाएगा।