Nashik Municipal Corporation Recruitment: नासिक महानगर पालिका की अग्निशमन विभाग भर्ती में हुई एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई ने सैकड़ों उम्मीदवारों के भविष्य पर संकट के बादल खड़े कर दिए हैं। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद, मुंबई के 'राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र' का प्रमाणपत्र न होने का हवाला देकर मनपा ने उम्मीदवारों को अपात्र घोषित कर दिया है।
इस फैसले के बाद से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है और विपक्ष ने इसे 'स्थानीय युवाओं के साथ धोखाधड़ी' करार दिया है। करीब 24 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद मनपा में फायरमैन-चालक के 186 और तकनीकी संवर्ग के 114 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी।
प्रक्रिया टीसीएस के माध्यम से संपन्न हुई, लेकिन दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान प्रशासन का रुख उम्मीदवारों के लिए किसी झटके से कम नहीं रहा। नासिक मनपा का दावा है कि अग्निशमन पाठ्यक्रम के लिए केवल मुंबई स्थित राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र ही एकमात्र शासन-मान्य संस्था है।
नासिक शहर के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे अखिल भारतीय स्थानीय स्वराज्य संस्था, परमानंद, सह्याद्री और ग्लोबल कॉलेज से कोर्स करने वाले उम्मीदवारों को भर्ती से बाहर कर दिया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि ये संस्थान मान्य नहीं थे, तो आवेदन के समय ही स्पष्ट निर्देश क्यों नहीं दिए गए?
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परीक्षा पास करने के बाद बाहर करना सरासर अन्याय है। प्रशासन के इस निर्णय के खिलाफ नासिकके विभिन्न राजनीतिक दलों ने मोर्चा खोल दिया है-शिवसेना (अजय बोरस्ते): उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे नासिक के स्थानीय युवाओं के साथ अन्याय बताया है। उनका कहना है कि परीक्षा के बाद पात्रता के नियमों को बदलना गलत है