Maharashtra Divyang School Fake Teacher Recruitment: महाराष्ट्र के नासिक, धुले और जलगांव जिलों में दिव्यांगों के स्कूलों और कार्यशालाओं में फर्जी भर्तियों का एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। दिव्यांगों के लिए संचालित विशेष विद्यालयों और कार्यशालाओं में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर और पद के दुरुपयोग से अवैध भर्तियां करने का मामला सामने आया है। इस घोटाले में उच्च अधिकारियों द्वारा अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने और अयोग्य उम्मीदवारों को स्वीकृतियां देने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे पूरे समाज कल्याण विभाग में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024-25 के दौरान नासिक जिले के दिव्यांगजन विद्यालयों और कार्यशालाओं में अनियमित रूप से विशेष शिक्षकों और कला शिक्षकों की भर्ती की गई थी। आरोप है कि जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्षदा बडगुजर ने अपने पद का सरेआम दुरुपयोग करते हुए अपने सगे भाई को दिव्यांगजन विद्यालय में नियुक्त करवा दिया।
इतना ही नहीं, भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त हो चुके एक उम्मीदवार को भी संस्था द्वारा नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया। समाज कल्याण अधिकारी बडगुजर ने इस अमान्य दस्तावेज वाली नियुक्ति को अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी।
इसके बाद, तत्कालीन क्षेत्रीय उपायुक्त माधव वाघ ने बिना किसी गहन दस्तावेज जांच के ही फाइल पर प्रशासनिक व्यक्तिगत स्वीकृति की मुहर लगा दी।
इस मामले में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उत्तर महाराष्ट्र युवा अध्यक्ष मुकेश गांगुर्डे ने समाज कल्याण आयुक्त को लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन क्षेत्रीय उपायुक्त माधव वाघ के कार्यकाल के दौरान नासिक, धुले और जलगांव तीनों जिलों के दिव्यांगजन विद्यालयों और कार्यशालाओं में बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत स्वीकृतियों का खेल खेला गया।
इस अवधि के दौरान दी गई सभी प्रशासनिक व्यक्तिगत स्वीकृतियों की गहन जांच के लिए तत्काल एक 'विशेष जांच समिति' (SIT) नियुक्त करने और अवैध रूप से दी गई सभी स्वीकृतियों को तुरंत रद्द करने की पुरजोर मांग की गई है।
इस बीच, इस संबंध में जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी हर्षदा बदगुजर से बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नेता मुकेश गांगुर्डे ने चेतावनी दी है कि दिव्यांग बच्चों के अधिकारों का हनन करते हुए, अधिकारियों ने फर्जी तरीके से उनके रिश्तेदारों और मनचाहे लोगों को नौकरियां दी हैं।
आयुक्त सत्यजीत बधे को इस पूरे मामले की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। अन्यथा, आजाद समाज पार्टी 21 अक्टूबर 2026 को पुणे शहर में आयुक्त कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेगी।