Nashik Kumbh Mela Budget: महाराष्ट्र में सरकारी विकास कार्यों में कथित 'कमीशनखोरी' का मुद्दा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। कोल्हापुर में आयोजित राज्य सरकारी ठेकेदार महासंघ के अधिवेशन में ठेकेदारों द्वारा किए गए दावों ने पूरे राज्य में खलबली मचा दी है। नासिक में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए आवंटित हजारों करोड़ रुपये के बजट के संदर्भ में यह आरोप और भी गंभीर हो गए हैं।
ठेकेदार महासंघ के अनुसार,सरकारी ठेकों की कुल राशि का बड़ा हिस्सा विकास के बजाय विभिन्न मदों में खर्च हो जाता है। ठेकेदारों द्वारा प्रस्तुत किए गए ब्यौरे के अनुसार यह वितरण कुछ इस प्रकार है-
कुंभ मेला एक विश्वस्तरीय आयोजन है, जिसके लिए सरकार ने खजाना खोल रखा है। हालांकि, पहले भी मंत्रालय के अधिकारी विलास लाड की कथित ऑडियो क्लिप ने कुंभ कार्यों के टेंडर मैनेज करने और करोड़ों के कमीशन के दावों से प्रशासन पर सवालिया निशान खड़े किए थे। हालांकि उस ऑडियो की आधिकारिक जांच अभी जारी है, लेकिन ठेकेदार महासंघ के हालिया आरोपों ने नागरिकों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष पैदा कर दिया है।
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विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता अब सरकार से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या विकास कार्यों की गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है? नागरिकों का मानना है कि कुंभ जैसे धार्मिक आयोजन के नाम पर खर्च होने वाले जनता के टैक्स के हर एक रुपये का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए, क्या सरकार इस कथित 'प्रतिशत संस्कृति' की जांच कर स्पष्ट जवाब देगी, यह अब सबसे बड़ा सवाल है।