Girish Mahajan Nashik Welcome: नासिक जिले के पालकमंत्री पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने के बाद मंत्री गिरीश महाजन का नासिक नगरी में भव्य आगमन हुआ। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उनका अभूतपूर्व और जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों की गूंज, आतिशबाजी, गगनचुंबी नारों और पुष्पवर्षा के बीच कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह देखने को मिला, जिससे पूरा माहौल पूरी तरह से उत्सवमय हो गया।
पालकमंत्री के रूप में नासिक की अहम जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली बार गृह जिले पहुंचे महाजन के स्वागत के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं और नासिककरों ने उनसे मुलाकात कर गर्मजोशी के साथ शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मिले अपार स्नेह ने यह साबित कर दिया कि जनता का उन पर कितना गहरा विश्वास है।
इस उत्स्फूर्त और भव्य स्वागत से पूरी तरह अभिभूत नजर आए पालकमंत्री गिरीश महाजन ने सभी का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नासिककरों का यह असीम प्रेम, अपनापन और अटूट विश्वास देखकर उनका मन गदगद हो गया है।
महाजन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पालकमंत्री के रूप में उन्हें जो यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह महज एक पद नहीं है, बल्कि नासिक जिले के कोने-कोने तक विकास की रोशनी पहुंचाने और जनता की सेवा करने का एक सुनहरा अवसर है।
मंत्री गिरीश महाजन ने अपने संबोधन में दो टूक कहा कि नासिक का सर्वांगीण विकास ही उनकी जिंदगी का इस वक्त का सबसे बड़ा और मुख्य एजेंडा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं को जिले के अंतिम छोर तक पूरी पारदर्शिता के साथ प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, वर्षों से अटके और लंबित पड़े विकास कार्यों को युद्धस्तर पर गति दी जाएगी तथा आम नागरिकों की बुनियादी समस्याओं का त्वरित समाधान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
पालकमंत्री ने केवल शहरी विकास तक खुद को सीमित न रखते हुए यह भरोसा दिलाया कि नासिक शहर के साथ-साथ जिले के तमाम ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विकास के लिए भी विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किए बिना जिले का असली विकास संभव नहीं है, इसलिए ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुदृढ करने के लिए खजाने के द्वार खुले रहेंगे।
नासिक के धार्मिक, ऐतिहासिक, पर्यटन, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए महाजन ने कहा कि यह जिला महाराष्ट्र की संस्कृति का प्रमुख केंद्र है। आने वाले समय में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की विशाल पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए शहर की आधारभूत संरचनाओं का आधुनिकीकरण किया जाएगा।