नासिक

तूफानी बारिश से डरने लगे हैं अंगूर उत्पादक किसान

दिपक.पांडे

नाशिक. पिछले महीने से जारी बारिश ने नाशिक जिले के अंगूर उत्पादकों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अब बारिश कम से कम 15 दिनों के लिए रुक जानी चाहिए, नहीं तो अंगूर उत्पादकों के मुंह से निवाला छिन जाएगा। नाशिक जिले में भारी बारिश ने निफाड तहसील के उगाव, शिवडी और खेड़े इलाकों में अंगूर के बागों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

फिलहाल अंगूरों की छंटाई का काम चल रहा है, वहीं कई जगहों पर बागों की छंटाई की जा रही है। बगीचे की छंटाई के बाद बीस दिनों के भीतर परिपक्व शाख पर गुच्छे निकलते हैं। लेकिन इन दिनों ये गुच्छे बहुत नाजुक होते हैं। इस स्थिति में, यदि नाइट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है, तो गुच्छा अक्सर अंकुरित हो जाता है। तो अक्सर यह बेल में बदल जाता है। इस समय पोंगा अवस्था हो तो नुकसान अधिक होता है। क्योंकि इससे डाउनी रोग होने का डर रहता है। इस दौरान बारिश अंगूर के बाग के लिए एक बड़ा संकट हो सकती है। इससे अंगूर उत्पादक परेशान हो गए हैं।

बागवानों को भुगतना पड़ रहा है

अंगूर उगाने की लागत अधिक होती है। इसके खाद, छिड़काव, दवा देने में किसानों को काफी मेहनत करनी पड़ती है। अगर वही फसल अच्छी कीमत नहीं देती है या बारिश का हमला होता है, तो किसानों पर कर्ज का पहाड़ चढ़ जाता है। पिछले दस वर्षों से बेमौसम बारिश का खामियाजा बागवानों को भुगतना पड़ रहा है। इस साल, इसे बारिश को कंट्रोल में रहना चाहिए नहीं तो फसल खराब होने का भय बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर मालेगांव में बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। छह गांवों में तीन हजार हेक्टेयर की फसल उखड़ गई है, जिससे करीब पांच हजार किसान प्रभावित हुए हैं। कृषि विभाग ने नुकसान की सूचना जिला प्रशासन को दी है और जल्द से जल्द मदद की गुहार लगाई है।

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