एकनाथ शिंदे ने ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन कर संत सम्मेलन में भाग लिया।
उन्होंने कुंभमेले से जुड़े विकास कार्य जल्द पूरे करने का आश्वासन दिया।
नासिक के हरसूल से 'भगवा खांद्यावर, शिवसैनिक बांधावर' अभियान की शुरुआत हुई।
शिवसैनिकों से सूखा प्रभावित किसानों तक पहुंचकर उनकी सहायता करने की अपील की गई।
Nashik Farmers Daughters Marriage Support: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को नासिक का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने त्र्यंबकेश्वर स्थित ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन किए और आयोजित संत सम्मेलन में साधु-संतों का आशीर्वाद लिया।
सम्मेलन में उन्होंने दो महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए शिवसेना पीड़ित किसानों की बेटियों के विवाह की जिम्मेदारी उठाएगी। इसके अलावा, नासिक में वर्ष 2027 के सिहंस्थ कुंभ के दौरान सभी 13 अखाड़ों के लिए भोजन की व्यवस्था भी शिवसेना द्वारा की जाएगी।
इस घोषणा के बाद संतों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। एकनाथ शिंदे ने आनंद सिहंस्थ कुंभ में सभी 13 अखाड़ों के संतों का स्वागत किया और कुंभमेले के आयोजन से जुड़ी उनकी अपेक्षाओं को समझा। उन्होंने आश्वस्त किया कि कुंभ से जुड़े सभी विकास कार्य जल्द ही पूरे किए जाएंगे।
सूखे के दौरान सिहंस्थ कुंभ मेले के आयोजन पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, यह कुंभमेला कई वर्षों में एक बार आता है और कुछ लोग केवल अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। हम किसानों के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनकी तैयारियों में कोई कमी नहीं रहने देंगे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा, शिवसेना किसानों के साथ खड़ी है। देश और राज्य में सूखे के हालात हैं। ऐसे में जिन किसानों की बेटियों की शादी तय हुई है, उन्हें भारी चिंता सता रही है।
संतों का आशीर्वाद किसानों पर बना रहे, इसीलिए शिवसेना किसानों की बेटियों का विवाह कराएगी। साथ ही, कुंभमेले में आने वाले सभी 13 अखाड़ों के संत-महंतों व श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था भी शिवसेना करेगी।
दौरे के दौरान नासिक के हरसूल से शिवसेना के नए अभियान 'भगवा खांद्यावर, शिवसैनिक बांधावर' का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, विधायकों, सांसदों और मंत्रियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा, हमें सूखे से प्रभावित किसान भाइयों-बहनों की मदद के लिए सीधे खेतों तक पहुंचना है।
केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को पूरी सहायता प्रदान करेंगी, लेकिन संकट की इस घड़ी में शिवसेना भी पीछे नहीं हटेगी।