Nashik Petrol Pump Shortage: पिछले सप्ताह नासिक जिले में पैदा हुई डीजल की किल्लत के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है। इसके बावजूद, डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार जिले के लगभग 40 प्रतिशत पेट्रोल पंप अब भी पूरी तरह से 'द्वाय' यानी ईंधन मुक्त हैं। पिछले हफ्ते से शुरू हुई डीजल की इस भारी किल्लत के कारण नागरिकों में असमंजस और अफरा-तफरी का माहौल देखा जा रहा है, जिससे ईंधन लेने के लिए पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं।
इस बीच, शनिवार और रविवार को बैंक बंद रहने के कारण रविवार को शहर और जिले के कई हिस्सों में पानेवाड़ी डिपो से एक भी टैंकर आपूर्ति के लिए नहीं पहुंच सका। नतीजतन, सोमवार को शहर और ग्रामीण इलाकों के कई पेट्रोल पंपों पर 'डीजल उपलब्ध नहीं है' के बोर्ड लटके नजर आए।
हालांकि, अब तेल कंपनियों की ओर से आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे है, लेकिन मंगलवार को भी शहर के कुछ पेट्रोल पंप बंद ही रहे। पंप संचालकों से पूछताछ करने पर बताया गया कि डिपो से टैंकर निकल चुके है। जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि स्थित्ति जल्द ही पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
पिछले 12 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रिकॉर्ड 4 बार बढ़ोतरी की जा चुकी है। बुधवार को भी ईंधन के दामों में फिर से उछाल आने की संभावना जताई जा रही है। इसी के मद्देनजर, मंगलवार को नागरिकों में जैसे ही खबर फैली, वे समय निकालकर पेट्रोल पंपों की तरफ दौड़ पड़े और वाहनों के टैंक फुल करवाने लगे।
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जिला डीलर्स एसोसिएशन ने मांग की है कि वाहनों की बढ़ती संख्या की तुलना में वर्तमान आधुर्ति बेहद कम है, इसलिए तेल कंपनियां जल्द से जल्द इस आपूर्ति को बहाल करें। एक तरफ जहां पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार आसमान छू रहे है, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं के बीच पैनिक बइंग (घबराहट में की जाने वाली खरीदारी) का दौर जारी है। सामने आए आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ दिनों के भीतर नासिक जिले में पेट्रोल की बिक्री में 26 प्रतिशत और डीजल की बिक्री में रिकॉर्ड 70 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।