Nashik Rural Development: ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के सर्वांगीण विकास और कृषि उत्पादों के सुगम परिवहन के लिए खेत तथा पाणंद (खेतों के बीच के कच्चे मार्ग) सड़कों को अधिक मजबूत और सक्षम बनाना अनिवार्य है। राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिए कि “मुख्यमंत्री बलीराजा खेत एवं पाणंद सड़क योजना” को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
मंत्री भुसे की अध्यक्षता में आज दोपहर शासकीय विश्राम गृह में इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी देवदत्त केकाण, उपविभागीय अधिकारी नितिन सदगीर, पुलिस उपाधीक्षक यशवंत बाविस्कर, तहसीलदार विशाल सोनवणे सहित कृषि, वन एवं भूमि अभिलेख विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान मंत्री भुसे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुदृढ़ीकरण कार्यों को गति देने के लिए आधुनिक मशीनरी का पूर्ण उपयोग किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि योजना के लिए शीघ्र एक विस्तृत प्रारूप खाका (मास्टर प्लान) तैयार किया जाए, ताकि कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरे हो सकें।
मंत्री भुसे ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर किसानों को विश्वास में लेकर सड़कों की आवश्यकता का आकलन किया जाए और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर सड़क निर्माण में अतिक्रमण की समस्या है, वहां किसानों के साथ बैठक कर आपसी समन्वय के माध्यम से विवादों का समाधान किया जाए, ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।