Chhagan Bhujbal Slams Girish Mahajan On Nashik Potholes Death: नासिक शहर की खस्ताहाल सड़कों, बढ़ते जानलेवा गड्ढों और कुंभ मेले के कामों में प्रशासनिक अव्यवस्था को लेकर राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने नासिक प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए शहर की स्थिति पर गहरा दुख जताया।
हाल ही में सड़क पर गड्ढे के कारण हुई नागरिक कोटकर की दुखद मृत्यु का जिक्र करते हुए भुजबल ने स्पष्ट किया कि वे इस गंभीर मुद्दे को आगामी कैबिनेट बैठक में पूरी मजबूती से उठाएंगे।
छगन भुजबल ने नासिक नगर निगम और कुंभ मेला नियोजन तंत्र की लापरवाही पर प्रहार करते हुए पूछा कि क्या नासिक शहर को हवा के भरोसे छोड़ दिया गया है? उन्होंने कहा, "सड़क निर्माण का नियम है कि यदि एक तरफ का काम चल रहा है, तो दूसरी तरफ गड्ढे नहीं होने चाहिए। आज अधिकारी न तो महापौर की सुन रहे हैं और न ही विधायकों की बात मान रहे हैं।"
भुजबल ने पालकमंत्री और कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन, संभागीय आयुक्त प्रवीण गेदम और नगर आयुक्त को तुरंत सड़कों पर उतरकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम और सरकार की लापरवाही के कारण निर्दोष लोगों की जान जा रही है, इसलिए मृतक के परिवार को कम से कम 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।
आगामी कुंभ मेले की तैयारियों का हवाला देते हुए भुजबल ने कहा कि नासिक में ऐसे गड्ढे पहले कभी नहीं देखे गए थे, जिससे शहर की छवि कलंकित हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के असंतोष का इंतजार करने के बजाय व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए और थोड़ी मानवता दिखाई जाए।
नासिक के मुद्दों के साथ-साथ छगन भुजबल ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के सख्त आयुक्त तुकाराम मुंढे का खुलकर सार्वजनिक समर्थन किया। भुजबल ने कहा, "कई सालों के बाद एफडीए को तुकाराम मुंढे के रूप में एक निडर और बहुत अच्छा अधिकारी मिला है। कुछ गुट उनके काम में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मेरा उन्हें पूरा समर्थन है और हम उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।"