Illegal Mangur Fish Seized: नासिक-पुणे महामार्ग पर गुरुवार तड़के हुए एक बड़े सड़क हादसे ने अवैध मांगुर मछली की तस्करी का पर्दाफाश कर दिया। दोडी शिवार इलाके में करीब साढ़े चार बजे एक आयशर टेम्पो सड़क किनारे खड़े कंटेनर से टकरा गया। टक्कर के बाद टेम्पो में भरी लगभग 4,000 किलो मांगुर मछलियां सड़क पर बिखर गईं।
सूचना मिलते ही वावी पुलिस और मत्स्य विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। जांच में पता चला कि टेम्पो में बड़ी मात्रा में सरकारी रूप से प्रतिबंधित मांगुर मछलियां भरी हुई थीं। यह माल पुणे से नासिक ले जाया जा रहा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेम्पो सड़क किनारे की नाली में जा गिरा और मछलियों को रखने के लिए बनाए गए अस्थायी टैंक फट गए, जिससे अवैध कारोबार की पोल खुल गई।
मत्स्य विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त किरण वाघमारे ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि मांगुर मछली का पालन, परिवहन और बिक्री पर रोक है क्योंकि यह स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए खतरनाक है। पुलिस और मत्स्य विभाग ने संयुक्त रूप से इन मछलियों को गड्ढा खोदकर नष्ट किया। साथ ही, तस्करी में प्रयुक्त ट्रक जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये है, उसे भी जब्त किया गया।
पुलिस ने ट्रक चालक भमरसिंह दलसिंह राठौर (41, निवासी डाव, जिला धार, मध्यप्रदेश) के खिलाफ अवैध तस्करी का मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई से स्पष्ट हो गया कि नाशिक-पुणे हाईवे पर बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध मछली कारोबार पर प्रशासन की नजर है।
स्थानीय मछुआरों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने भी इस कार्रवाई की सराहना की। उनका कहना है कि ऐसी तस्करी से न केवल स्थानीय मछली बाजार प्रभावित होते हैं, बल्कि जैव विविधता और स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बढ़ता है। पुलिस और मत्स्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई से लोगों को यह संदेश गया है कि अवैध व्यापार और पर्यावरणीय अपराधों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।