आदिवासी निधि में 16.37 करोड़ की सेंध सोर्स: सोशल मीडिया
नांदेड़

नांदेड में 16.37 Cr के 280 सरकारी चेक निजी खातों में ट्रांसफर;किनवट आदिवासी विकास कार्यालय में घोटाले पर FIR

Nanded Kinwat Tribal Fund Scam: किनवट के एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प कार्यालय में 16.37 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया। 280 सरकारी चेक और निजी खातों में ट्रांसफर की जांच जारी।

मनीषा बोंदरे

Nanded Kinwat Tribal Development inancial Irregularities: नांदेड के किनवट स्थित एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प कार्यालय में 16.37 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है।

शिकायत के अनुसार 280 सरकारी चेक बिना आधिकारिक मंजूरी के क्लियर कर निजी व्यक्तियों, व्यापारियों और गैर-सरकारी संस्थाओं के खातों में राशि ट्रांसफर की गई। मामले में वरिष्ठ क्लर्क भगवान उद्धवराव डावरे के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

आदिवासी निधि में 16.37 करोड़ की कथित हेराफेरी

किनवट एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प अधिकारी कार्यालय, किनवट के सरकारी कोष में 16 करोड़ 37 लाख 66 हजार 912 रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। मामले में कार्यालय के वरिष्ठ क्लर्क भगवान उद्धवराव डावरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप है कि सरकारी निधि से संबंधित 280 चेक बिना आधिकारिक मंजूरी के क्लियर किए गए और उनकी राशि निजी व्यक्तियों, व्यापारियों तथा अन्य गैर-सरकारी संस्थाओं के खातों में ट्रांसफर की गई।

किनवट का एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प महाराष्ट्र शासन के आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत कार्य करता है और विभिन्न आदिवासी कल्याण योजनाओं का संचालन करता है।

280 चेक के लेन-देन की जांच

शिकायत के अनुसार कथित वित्तीय अनियमितता 1 अप्रैल 2024 से 16 सितंबर 2026 के बीच हुई। सरकारी निधि, चेक रजिस्टर और बैंक खातों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के दौरान संदिग्ध लेन-देन सामने आने की बात कही गई है।

बताया गया है कि बिना सक्षम मंजूरी के म्यूचुअल क्लियरिंग के माध्यम से 280 चेक क्लियर किए गए। इसके बाद संबंधित राशि सरकारी कार्यों में इस्तेमाल होने के बजाय निजी व्यक्तियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य गैर-सरकारी संस्थाओं के खातों में पहुंचने का आरोप है।

57 लोगों के नाम पर करीब 13 करोड़

जांच में सामने आए विवरण के अनुसार, 280 संदिग्ध लेन-देन में से करीब 13 करोड़ रुपये की राशि 57 लोगों के नाम पर निकाले जाने की जानकारी मिली है। संबंधित खातों में राशि किस तरह और किन परिस्थितियों में ट्रांसफर की गई, इसकी जानकारी प्रकल्प अधिकारी कार्यालय को मिलने की बात कही गई है।

मामले की जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता और बैंक स्तर पर किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

चार सदस्यीय समिति गठित, केबिन सील

मामले की गंभीरता को देखते हुए चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। संबंधित क्लर्क के केबिन को सील किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। वित्तीय लेन-देन के ऑडिट के दौरान सामने आए संदिग्ध लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है।

शिकायत के बाद मामला दर्ज

प्रकल्प अधिकारी कार्यालय के प्रेमसिंह बाबूसिंह आड़े की शिकायत पर वरिष्ठ क्लर्क भगवान डावरे के खिलाफ किनवट पुलिस थाने में केस क्रमांक 256/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। प्रशासनिक प्रक्रिया जिला कलेक्टर राहुल कर्डिले के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाए जाने की जानकारी दी गई है।

मामले में अभी लगाए गए आरोपों और संदिग्ध लेन-देन की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित गबन की पूरी स्थिति और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होगी।

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