

Wardha Expenditure Pankaj Bhoyar Development Works: वर्धा जिले में वर्ष 2026-27 की जिला वार्षिक योजना के तहत सामान्य निधि के लिए 405 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। अब तक 243 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 30.81 करोड़ रुपये विभिन्न विभागों को वितरित किए गए हैं।
इनमें से 28.47 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। शेष निधि के लिए विभागों से प्रस्ताव मंगाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र का नियोजन विभाग जिला वार्षिक योजनाओं के लिए प्रक्रिया और निधि आवंटन से संबंधित दिशा-निर्देश जारी करता है।
वर्धा जिले में विभिन्न विकास कार्यों के लिए आर्थिक वर्ष 2026-27 में जिला वार्षिक योजना (सामान्य) के तहत अतिरिक्त मांग सहित कुल 405 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी मिली है। इसके मुकाबले अब तक जिले को 243 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त हो चुकी है। हालांकि, 31 अगस्त तक विभिन्न विभागों को केवल 30 करोड़ 81 लाख 66 हजार रुपये की निधि वितरित हो पाई है।
महाराष्ट्र में जिला वार्षिक योजना के माध्यम से जिला स्तर पर विभिन्न विकास कार्यों के लिए निधि का नियोजन और वितरण किया जाता है। वर्धा जिला प्रशासन के अनुसार, जिला नियोजन समिति इसी प्रक्रिया के तहत विकास कार्यों की योजना तैयार करती है।
जिला वार्षिक योजना के तहत विभिन्न विभागों से विकास कार्यों के प्रस्ताव मंगाए गए हैं। वर्तमान स्थिति में 51.03 करोड़ रुपये के कार्यों को प्रशासकीय मान्यता मिलने की जानकारी है। प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभागों को निधि वितरित की जाएगी।
जिले को सामान्य निधि के तहत 243 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 162 करोड़ रुपये की शेष निधि आगामी दिनों में मिलने की संभावना है। कार्यों के प्रस्ताव और प्रशासकीय मंजूरी के आधार पर निधि का वितरण किया जा रहा है।
पहले चरण में प्राप्त निधि में से करीब 30.81 करोड़ रुपये विभिन्न विभागों को वितरित किए गए हैं। इनमें से 28 करोड़ 47 लाख 31 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार खर्च का प्रतिशत 11.72 प्रतिशत है।
वर्ष 2026-27 के लिए पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर की अध्यक्षता में जिला नियोजन समिति की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में जिला वार्षिक योजना के तहत सामान्य निधि के लिए 405 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई थी। इसके अलावा अनुसूचित जाति उपयोजना और आदिवासी क्षेत्र बाह्य उपयोजना के लिए भी स्वतंत्र बजट मंजूर किया गया।
सामान्य निधि का उपयोग कृषि एवं उससे संबंधित कार्यों, सामाजिक एवं सामूहिक सेवाओं, स्वास्थ्य, क्रीड़ा, शिक्षा, ग्राम विकास, पुस्तकालय, नगर पालिका, महिला एवं बाल कल्याण, जलसंपदा, विद्युत सेवा, उद्योग, सड़क विकास, पुलिस, पर्यटन एवं इको-टूरिज्म तथा अन्य सामान्य आर्थिक सेवाओं से जुड़े विकास कार्यों पर किया जाता है।
जिला नियोजन समिति की व्यवस्था के तहत जिले की मूलभूत जरूरतों, सामाजिक एवं भौगोलिक परिस्थितियों और विकास प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर वार्षिक योजना तैयार की जाती है।