नांदेड़ किसान आत्महत्या (सोर्सः सोशल मीडिया)
नांदेड़

सूखी फसल, बच्ची की कॉलेज फीस और कठिन आर्थिक हालातों के आगे हार गया नांदेड का किसान, वीडियो पोस्ट कर दी जान

Farmer Debt Crisis: नांदेड़ जिले में किसान शंकर अबनराव क्षीरसागर की आत्महत्या के बाद कर्जमाफी योजना पर सवाल उठे हैं। उन्होंने मौत से पहले वीडियो में कर्जमाफी का लाभ नहीं मिलने की बात कही थी।

आंचल लोखंडे

Highlights:

  • नांदेड़ के बोरगांव निवासी किसान शंकर अबनराव क्षीरसागर ने वीडियो में कर्जमाफी का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की थी।

  • किसान ने दावा किया कि कर्जमाफी के लिए आवेदन करने के बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला।

  • रिपोर्ट के अनुसार, डेढ़ एकड़ में बोई गई सोयाबीन की फसल बारिश की कमी और सूखे जैसे हालात से बर्बाद हो गई थी।

Nanded Farmer Suicide: महाराष्ट्र में सरकार ने सूखा घोषित कर किसानों को मदद की तैयारी दिखाई है जिसकी पहली 5000 रुपए की राशि दिवाली से पहले किसानों को मिलेगी। सरकार ने ऐसा आश्वस्त किया है। लेकिन लगता है सरकार के ये वादे किसानों को रास नहीं आ रहे है। नांदेड़ के बोरगांव के एक अल्पभूधारक किसान शंकर अबनराव क्षीरसागर ने 19 अक्टूबर को दशहरे से एक दिन पहले एक बड़ा आत्मघाती कदम उठाया।

नांदेड के किसान ने गंभीर आर्थिक हालातों से तंग आकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल दहला देने वाला वीडियो शेयर किया और जिला कलेक्टर और प्रशासन से अपील की। ​​इसमें उन्होंने वीडियो में किसान ने अपना दुख बताया और जिला कलेक्टर और प्रशासन से मदद की अपील की। ​​इतनाहि नही तो किसान कर्ज माफी पर सवाल भी उठाए।

कलेक्टर ऑफिस से रोते हुए की अपील

किसान ने कहा मैं कलेक्टर ऑफिस से रिक्वेस्ट कर रहा हूं कि सरकार ने तीन बार कर्ज माफी दी लेकिन मेरा कर्ज एक भी बार माफ नहीं हुआ। मेरी बेटी मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। मैं किसान होकर आत्महत्या कर रहा हूं। कृपया मेरी रिक्वेस्ट पर गंभीरता से ध्यान दें, मैं आपके बच्चों की जान की कसम खाता हूं और आपसे जांच करने के लिए कहता हूं। किसान ने ऐसा इमोशनल वीडियो बनाकर अपनी जान दे दी। अब विपक्ष इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहा है।

लोन माफ़ी और सरकारी स्कीम पर गुस्सा

शंकर क्षीरसागर ने वीडियो में रोते हुए कहा, “कलेक्टर साहब, मैं रिक्वेस्ट करता हूं कि लोन माफ़ किया जाए। सरकार ने तीन बार कर्जमाफी का ऐलान किया, लेकिन मेरा नाम किसी भी लोन माफ़ी स्कीम में नहीं आया। इस वजह से मैं आज परेशान होकर आत्महत्या कर रहा हूं।”

बच्चों की पढ़ाई का बहुत ज़्यादा स्ट्रेस

कर्ज और खेती में नुकसान के साथ-साथ, वे बच्चों की पढ़ाई का भी बहुत ज़्यादा स्ट्रेस झेल रहे थे। उनकी बेटी पुणे में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। हालांकि सरकार ने स्टूडेंट्स की पढ़ाई की फीस माफ करने की बड़ी घोषणाएं की हैं, लेकिन बार-बार अप्लाई करने के बावजूद उनकी बेटी की फीस माफ नहीं हुई है। शंकर अबनराव क्षीरसागर ने अपने डेढ़ एकड़ खेत में बड़ी उम्मीदों के साथ सोयाबीन उगाई थी। लेकिन, इस साल लंबे समय तक बारिश न होने और भयंकर सूखे जैसे हालात के कारण उनकी पूरी फसल सूख कर राख हो गई।

खेत में फांसी लगाकर जान दे दी

सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद, रिश्तेदार और पुलिस तुरंत खेत की ओर दौड़े। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही उसने अपने खेत में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। उसका नाम सरकार के ऑनलाइन डेटाबेस में दिख रहा था और संभावना थी कि वह आने वाली लोन माफी लिस्ट में शामिल हो जाएगा। इस दर्दनाक घटना के बाद, नांदेड़ के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर राहुल कर्डिले ने मामले की पूरी जांच के आदेश दिए हैं।

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